मप्र में प्री-मानसून का असर तेज, शाजापुर में ओलावृष्टि, नर्मदापुरम में छात्रावास पर गिरा पेड़
21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित
भोपाल, 06 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। शाजापुर में ओले गिरे, जबकि नर्मदापुरम, सीहोर, देवास, इटारसी, सिवनी मालवा और खरगोन समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़कर गिर गए। मौसम विभाग ने भोपाल और इंदौर सहित 21 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले 24 घंटों के दौरान सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, इंदौर, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, शाजापुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, सिवनी और बालाघाट में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी भाेपाल में शनिवार दाेपहर के बाद माैसम अचानक बदल गया और तेज हवा के साथ बारिश हुई।
सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटों में सतना में सबसे तेज 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा सीहोर में 48, आगर-मालवा में 44, धार और गुना में 43 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। सागर और खंडवा में 41, बैतूल में 39, भोपाल में 37, विदिशा, नर्मदापुरम और अशोकनगर में 35 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। उज्जैन, नीमच, शिवपुरी और बड़वानी में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिला।
सीहोर में झमाझम बारिश, लोगों को मिली राहत
सीहोर में शनिवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। दिनभर की गर्मी और उमस के बाद हुई बारिश से लोगों को राहत मिली। ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना हो गया, हालांकि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी रही।
नर्मदापुरम में छात्रावास की छत पर गिरा पेड़
नर्मदापुरम जिले के माखननगर क्षेत्र में शनिवार काे तेज आंधी और बारिश के कारण कई पेड़ धराशायी हो गए। एक बड़ा पेड़ बालक छात्रावास की छत पर गिर गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
इटारसी में ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान की आशंका
इटारसी के पथरोटा क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाद तेज आंधी और बारिश के साथ चने के आकार से बड़े ओले गिरे। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिर गए और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। ओलावृष्टि से मूंग की फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
सिवनी मालवा और खरगोन में भी असर
सिवनी मालवा क्षेत्र में शनिवार काे तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं खरगोन जिले के सनावद में करीब आधे घंटे तक चली तेज आंधी और बारिश के दौरान 10 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। एक पुराना पीपल का पेड़ भी जड़ से उखड़कर गिर गया। हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
नौगांव सबसे गर्म, कई शहरों में 40 डिग्री के पार पारा
एक ओर जहां कई जिलों में मौसम बदला, वहीं प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी बना रहा। नौगांव 42.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। सागर में 41.5 डिग्री, दतिया में 41.4 डिग्री, खजुराहो और दमोह में 41 डिग्री, गुना में 40.6 डिग्री तथा खंडवा में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 40.4 डिग्री, जबलपुर 40.1 डिग्री, भोपाल 38.8 डिग्री, उज्जैन 38 डिग्री और इंदौर 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
20 जून के बाद प्रदेश में मानसून की दस्तक संभव
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से कुछ दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केरल में मानसून की एंट्री के लगभग 15 दिन बाद यह मध्य प्रदेश पहुंचता है। इस वर्ष मानसून ने केरल में 4 जून को दस्तक दी है, इसलिए प्रदेश में इसके आगमन में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय बनी रहेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे