पीएम कुसुम-ए के हितग्राहियों की सुविधा के लिए स्थापित होगा विशेष सेल : ऊर्जा मंत्री तोमर
- मंत्री तोमर ने हितग्राहियों को विद्युत क्रय अनुबंध पत्र वितरित किये
भोपाल, 27 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि पीएम कुसुम-ए योजना किसानों की बंजर तथा अनुपजाऊ भूमि अब आमदनी का जरिया बन गई है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन और हितग्राहियों की सुविधा के लिए एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी में विशेष सेल का गठन कर ‘’प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना (पीएम कुसुम घटक-ए)’’ के संबंध में हितग्राहियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ऊर्जा मंत्री तोमर शुक्रवार को एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल में विद्युत क्रय अनुबंध पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने योजना में अनुबंध निष्पादन के उपरांत सर्वप्रथम कार्य पूर्ण कर बिजली उत्पादन करने वाले हितग्राही को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य शासन कृत संकल्पित है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किये जा रहे प्रयासों में किसानों की खुशहाली तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। किसानों को 10 घंटे कृषि कार्य के लिए विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना और उनकी आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि सरकार किसानों को लगातार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। राज्य शासन ने कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत 10 हजार 500 करोड़ की योजनाओं की मंजूरी दी है। मंत्री शुक्ला ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हम किसानों को अन्नदाता के साथ साथ ‘’ऊर्जा दाता’’ और ‘’उद्यमी’’ भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। किसान खुशहाल होंगे तभी समृद्ध मध्यप्रदेश का सपना साकार होगा। किसानों को लाभ देने के लिए ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग तत्पर है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, सचिव ऊर्जा एवं एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले तथा प्रबंध संचालक म.प्र. ऊर्जा विकास निगम अमनवीर सिंह बैंस उपस्थित थे।
220 विद्युत क्रय अनुबंध पत्र वितरित
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम-कुसुम) योजना के घटक ‘ए’ के अंतर्गत योजना के तीसरे चरण के अंतर्गत शुक्रवार को कार्यक्रम में निष्पादित विद्युत क्रय अनुबंध को 220 हितग्राहियों को वितरित किया।
पीएम कुसुम-ए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा (ऊर्जा उपलब्धता) सुनिश्चित करना है, साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के हिस्से के रूप में वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से विद्युत शक्ति की स्थापित क्षमता की हिस्सेदारी को 40% तक बढ़ाने में सहयोग करना है।
उल्लेखनीय है कि पीएम -कुसुम योजना 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना के 3 घटक हैं। घटक-ए, घटक-बी और घटक-सी। इस घटक के अंतर्गत, 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्र (आर.ई.पी.पी.) व्यक्तिगत किसानों/किसानों के समूह/सहकारी समितियों/पंचायतों/किसान उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.)/जल उपयोगकर्ता संघों (डब्ल्यू.यू.ए.) द्वारा बंजर/परती भूमि पर स्थापित किए जाएंगे। ये बिजली संयंत्र कृषि योग्य भूमि पर खंभों पर भी स्थापित किए जा सकते हैं जहां सौर पैनलों के नीचे फसलें भी उगाई जा सकती हैं। उप-पारेषण लाइनों की उच्च लागत से बचने और पारेषण घाटे को कम करने के लिए नवीकरणीय बिजली परियोजना को सब-स्टेशनों के पांच कि.मी. के दायरे में स्थापित किया जाएगा।
योजना अंतर्गत दिसंबर 2025 के पूर्व में 1000 मेगावाट क्षमता की स्वीकृति के विरुद्ध, 997 मेगावाट क्षमता के 603 विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादित किए जा चुके हैं। इनमें से 80 मेगावाट की 50 परियोजनाएं क्रियाशील हो चुकी हैं तथा शेष परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि माह दिसंबर 2025 में 425 मेगावाट क्षमता की स्वीकृति के विरुद्ध 403 मेगावाट क्षमता के 226 विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादित किए गए हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादित किए जाने के लिये निर्धारित तिथितक कुल 1400 मेगावाट क्षमता के 829 विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादित किए जा चुके हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर