यात्री परिवहन विजन समिट: मप्र में पीपीपी से तैयार होगा ‘फ्यूचर रेडी’यात्री परिवहन नेटवर्क
- स्मार्ट डिपो, आधुनिक टर्मिनल और ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
भोपाल, 11 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के पहले दिन शुक्रवार को दूसरा सत्र “भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना : सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन” विषय पर केंद्रित रहा। सत्र में ‘कनेक्टेड नेटवर्क्स, स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और सस्टेनेबल ग्रोथ के विज़न के साथ एमपीवायपीआईएल के विज़न-2030 पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने आधुनिक डिपो, बस टर्मिनल, अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बस स्टैंड और यात्री-केंद्रित सुविधाओं में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए व्यावहारिक वित्तीय मॉडल, नीतिगत सहयोग, स्पष्ट जोखिम-साझाकरण और दीर्घकालीन राजस्व व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया।
सुगम परिवहन के लिए मजबूत कानूनी एवं वित्तीय ढांचा जरूरी
अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का प्रमुख उद्देश्य प्रदेशवासियों को किफायती, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। पीपीपी मॉडल पर आधारित परियोजनाओं की सफलता के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा, संतुलित अनुबंध और सुव्यवस्थित निवेश योजना आवश्यक है। परियोजना से जुड़े सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए मजबूत वित्तीय दस्तावेजीकरण और व्यावहारिक अनुबंध व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़े और दीर्घकालीन निवेश को प्रोत्साहन मिले।
ब्लेंडेड पीपीपी मॉडल से साझा हों जिम्मेदारियां और जोखिम
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने मध्य प्रदेश में पीपीपी मोड पर सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में रेलवे, राजमार्ग और मेट्रो सहित विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप अलग-अलग पीपीपी मॉडल सफलतापूर्वक अपनाए गए हैं। पीएम ई-बस सेवा में भी जीसीसी आधारित पीपीपी मॉडल का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए ब्लेंडेड पीपीपी मॉडल अपनाने का सुझाव देते हुए कहा कि इसमें मुख्य आधारभूत संरचना सरकार द्वारा विकसित की जा सकती है।
सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी क्षेत्र की दक्षता का हो बेहतर समन्वय
परिवहन आयुक्त-सह-अध्यक्ष, राज्य परिवहन प्राधिकरण, ओडिशा सरकार अमिताभ ठाकुर ने ओडिशा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां परिवहन नेटवर्क को ब्लॉक मुख्यालयों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल में सरकार द्वारा आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के साथ निजी क्षेत्र की दक्षता का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का संतुलित समन्वय बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ निजी निवेश आकर्षित करने में भी सहायक होगा।
ईवी ट्रांजिशन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
प्रबंध निदेशक, इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन अमित भट्ट ने कहा कि देश का परिवहन क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऊर्जा सुरक्षा, प्रदूषण में कमी और नेट-जीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है।
निवेशकों के विश्वास के लिए इंटीग्रेटेड प्लानिंग आवश्यक
मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्यिक परिचालन), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अब्दुल बासित ने कहा कि पीपीपी परियोजनाओं के लिए एकीकृत योजना अत्यंत आवश्यक है। निवेशकों को निवेश पर प्रतिफल के संबंध में पर्याप्त भरोसा और स्पष्टता उपलब्ध कराने से दीर्घकालीन निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
मुख्य प्रबंध निदेशक, क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग लिमिटेड के संजय सी. शाह ने बस स्टेशनों को आधुनिक ‘बस पोर्ट’के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर