अधिकारी शासन की प्राथमिकता की योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: संभागायुक्त शर्मा
भोपाल, 10 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सभी विभागों के संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागों में संचालित योजनाओं में से शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर सभी जिलों में लक्ष्य एवं प्रगति के लिए फील्ड स्तर से संभाग स्तर तक प्रतिदिन व्यवस्थित मॉनीटरिंग एवं रिव्यू सिस्टम आधारित कार्य समय पर करें, ताकि सभी कार्य हो। इसके लिए कृषि एवं संबंधित विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर बेहतर तरीके से मैदानी स्तर पर कार्य करें।
कमिश्नर शर्मा शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए संभाग के सभी जिलों में उद्यानिकी फसलों की गिरदावरी करवाने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में बताया गया कि संभाग के सभी जिलों में ढाई लाख हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें राजगढ़ जिले में सबसे अधिक संतरा - धनिया और अन्य मसालों का उत्पादन किया जा रहा है। संभागायुक्त ने संभाग के सभी जिलों में जलवायु क्षेत्र के आधार पर उद्यानिकी फसल के क्षेत्र विस्तार के लिए एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत भोपाल में अमरूद, सीहोर में प्याज, राजगढ़ में संतरा, विदिशा में धनिया एवं रायसेन में टमाटर के रकबे को बढ़ाने के निर्देश दिए। भोपाल में मेट्रोपॉलिटन रीजन के अनुसार क्षेत्रवार क्लस्टर आधारित उद्यानिकी फसलों के मैदानी स्तर के डेटा आधारित एग्री एलाइड डिमांड के आधार पर कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी, रोजगारपरक, उद्योगों के लिए योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में उद्यानिकी, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के क्लस्टर आधारित उद्योग स्थापित करने एवं अधिक से अधिक रोजगार परक छोटे- छोटे कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए मैदानी स्तर के सटीक डेटा आधारित जानकारी संग्रहित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि संभाग के सभी जिलों मे एग्री स्टेक आईडी बनाने के लिए एवं ई-विकास पोर्टल पर किसानों का पंजीयन, ई-टोकन बुकिंग एवं समिति स्तर पर सदस्य किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करवाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही संभाग के सभी जिलों में किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता की प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमानक खाद एवं बीज के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें एवं दोषी व्यक्ति के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायें। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पडे। वर्तमान में मूंग उपार्जन की प्रतिदिन अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 - 27 में भोपाल संभाग के सभी जिलों में मूंग का क्षेत्रफल 3 लाख हैक्टेयर से अधिक रहा है, जिसके लिए 84 हजार से अधिक किसानों ने उपार्जन के लिए पंजीयन दर्ज करवाया। संभागायुक्त शर्मा ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुग्ध उत्पादन वृद्धि, पशुधन संवर्धन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार कार्यक्रमों तथा ‘क्षीरधारा’ जैसी अभिनव योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त एवं स्थायी आय के अवसर प्राप्त हों और पशुपालन कृषि का वास्तविक पूरक व्यवसाय बन सके।
मत्स्य पालन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उपलब्ध जलाशयों के वैज्ञानिक एवं अधिकतम उपयोग, केज कल्चर (Cage Culture) को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज की उपलब्धता, आधुनिक मत्स्य उत्पादन तकनीकों के विस्तार, मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन को ग्रामीण उद्यमिता, स्वरोजगार एवं आय संवर्धन के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करते हुए विभागीय योजनाओं का लाभ अधिकतम हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा ने नवीन के.सी.सी. वितरण की प्रगति बढ़ाए जाने, पैक्स सदस्यता अभियान में अधिक से अधिक किसानों को जोड़े जाने, सहकार दुग्ध समितियों के सहकारी बैंक में खाते खुलवाने तथा पैक्स द्वारा उद्यानिकी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए समितियों का चिन्हांकन किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उप संचालक कृषि सुमन प्रसाद, मत्स्य विभाग शशि गोलाइच, संयुक्त संचालक उद्यानिकी जयमाला सिंह एवं संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. सुनील परणाम सहित संभाग के सभी जिलों के संबंधित के अधिकारी उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर