मप्र: नीति आयोग की रिपोर्ट पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उठाए शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे
भोपाल, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट राज्य में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की कमी और शिक्षा तंत्र की चुनौतियों को उजागर करती है।
अजय सिंह ने रविवार काे जारी अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे दावों के बीच रिपोर्ट कई गंभीर समस्याओं की ओर संकेत करती है। उनके अनुसार प्रदेश के हजारों स्कूल अब भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक की बात करने के बावजूद प्रदेश के बड़ी संख्या में स्कूलों में बिजली और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है। सिंह ने सवाल उठाया कि ऐसे हालात में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा कैसे उपलब्ध कराई जा सकेगी।
छात्राओं के लिए शौचालयों की कमी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने इसे गंभीर सामाजिक और शैक्षणिक चुनौती बताया। अजय सिंह ने शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली पड़े हैं और कई स्कूल एक ही शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर बढ़ना राज्य के लिए चिंता का विषय है। सरकार को इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। अजय सिंह ने यह भी कहा कि कई राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा का दायरा सीमित है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा और डिजिटल प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि नीति आयोग की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रिक्त शिक्षक पदों पर शीघ्र भर्ती करने और स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे