मध्य प्रदेश में गेम डेवलपमेंट की नई प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, ‘एमपी गेम उड़ान’ की होगी शुरुआत
भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में 24 से 26 सितंबर तक तीन दिवसीय गेम जैम
भोपाल, 09 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में उभरती गेम डेवलपमेंट प्रतिभाओं की पहचान करने और प्रोत्साहित कर उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से ‘एमपी गेम उड़ान – मध्य प्रदेश गेम जैम’ का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के तहत मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा गेम डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसमें भागीदारी निःशुल्क है। विद्यार्थियों और पहली बार गेम डेवलपमेंट में भाग लेने वाले डेवलपर्स को विशेष रूप से आवेदन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रतिभागी इंडी कनेक्ट पर उपलब्ध ‘एमपी गेम उड़ान’ पेज के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में 24 से 26 सितंबर तक होगा आयोजन
उन्होंने बताया कि भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में ‘एमपी गेम उड़ान’ का आयोजन 24 से 26 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों, गेम डेवलपर बनने के इच्छुक युवाओं, प्रोग्रामर्स, कलाकारों, डिजाइनर्स और स्टोरीटेलर्स को एक मंच मिलेगा। प्रदेश के क्रिएटर्स के लिए ऑनलाइन भागीदारी का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। गेम जैम को केवल तीन दिवसीय प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश में जमीनी स्तर पर मजबूत गेम डेवलपमेंट इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में तैयार किया गया है। इसके माध्यम से प्रतिभाओं, उद्योग विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय डेवलपर समुदाय को एक साथ लाया जाएगा।
उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार होंगे गेम
प्रमुख सचिव के अनुसार, प्रतिभागियों को गेम जैम की शुरुआत में, घोषित की जाने वाली थीम पर एक मौलिक और खेलने योग्य गेम तैयार करने की चुनौती दी जाएगी। गेम के विकास की पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, लर्निंग सेशंस और विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। जीडीएआई द्वारा गेम डेवलपमेंट की मूलभूत जानकारी और गेम जैम में भाग लेने की प्रक्रिया से संबंधित परिचयात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इससे यह पहल विद्यार्थियों और पहली बार गेम डेवलपमेंट में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ अनुभवी क्रिएटर्स के लिए भी सुलभ होगी।
युवा और तकनीक आधारित प्रतिभाओं को प्रयोग एवं नवाचार का अवसर
प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवा, रचनात्मक और तकनीक-आधारित प्रतिभाओं का एक बड़ा समूह है। इसका उद्देश्य प्रतिभाओं को प्रयोग करने, नवाचार करने और उभरते उद्योगों के लिए निर्माण करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि गेमिंग तकनीक, डिजाइन, कला और कहानी कहने को एक साथ लाता है और इसमें उद्यमिता तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने की क्षमता है। ‘एमपी गेम उड़ान’ के माध्यम से प्रदेश के क्रिएटर्स की पहचान कर उन्हें उद्योग विशेषज्ञता से जोड़ने और मध्यप्रदेश में मजबूत गेम डेवलपमेंट समुदाय के निर्माण की शुरुआत की जाएगी। यह पहल विशेष रूप से स्थापित तकनीकी केंद्रों से आगे अवसरों का विस्तार करने और अनेक शहरों में स्थानीय समुदायों को सक्रिय करने पर केंद्रित होगी।
प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानने का अवसर
गेम डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन श्रीधर मुप्पिडी ने कहा कि यदि क्रिएटर्स को सही ज्ञान, समुदाय और अवसर उपलब्ध हों, तो बेहतरीन गेम कहीं से भी बनाए जा सकते हैं। भारत में पारंपरिक गेम डेवलपमेंट हब से बाहर भी अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं और ‘एमपी गेम उड़ान’ जैसी पहल इन प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रदेश में डेवलपर्स का ऐसा टिकाऊ समुदाय तैयार करने में सहयोग करना है, जहां वे एक-दूसरे से सीखें, साथ मिलकर निर्माण करें और आगे चलकर ऐसे गेम और स्टूडियो तैयार करें, जो राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
गेम जैम से गेम्स इकोसिस्टम की ओर
‘एमपी गेम उड़ान’ को गेम निर्माण के लिए आवश्यक विभिन्न विधाओं में प्रतिभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रतिभागियों के लिए प्रोग्रामर होना आवश्यक नहीं है। गेम जैम में गेम डिजाइनर्स, डेवलपर्स, आर्टिस्ट्स, एनिमेटर्स, यूआई/यूएक्स डिजाइनर्स, राइटर्स, म्यूजिशियन्स और स्टोरीटेलर्स भी भाग ले सकते हैं। यह आधुनिक गेम डेवलपमेंट की बहुआयामी प्रकृति को दर्शाता है। प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से या टीम के रूप में शामिल हो सकते हैं और अपनी पसंद के डेवलपमेंट टूल्स तथा गेम इंजन्स का उपयोग करते हुए पीसी, मोबाइल या वेब के लिए गेम विकसित कर सकते हैं।
भौतिक और वर्चुअल माध्यम से उपलब्ध रहेंगे उद्योग विशेषज्ञ
गेम जैम के दौरान उद्योग विशेषज्ञ भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपलब्ध रहेंगे। वे टीमों को गेम डिजाइन, डेवलपमेंट, आर्ट, टेक्नोलॉजी और प्रोडक्शन से जुड़ी चुनौतियों में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह पहल जीडीएआई और राज्य सरकार को ऐसी होनहार प्रतिभाओं और टीमों की पहचान करने में भी सक्षम बनाएगी, जिन्हें भविष्य में मेंटॉरशिप, स्किलिंग, इन्क्यूबेशन, शोकेस और उद्योग से जुड़े अवसरों से जोड़ा जा सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर