मप्रः नरसिंहपुर पुलिस की अभिनव पहल, सड़क दुर्घटनाओं में 33 प्रतिशत की कमी, मृत्यु दर में 23 प्रतिशत की गिरावट
- ‘गोल्डन ऑवर हीरो’ अभियान बना जीवन रक्षक मिशन
भोपाल, 22 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में नरसिंहपुर पुलिस द्वारा शुरू की गई गोल्डन ऑवर हीरो अभिनव पहल ने जिले में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। इस अभियान के प्रभाव से जनवरी से मई 2026 की अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में 33 प्रतिशत, मृत्यु दर में 23 प्रतिशत तथा गंभीर घायलों की संख्या में 52 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा सोमवार को जानकारी दी कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा अर्थात गोल्डन ऑवर घायल व्यक्ति के जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए नरसिंहपुर पुलिस द्वारा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबों, पेट्रोल पंप संचालकों तथा स्थानीय ग्रामीणों को चिन्हित कर उन्हें सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए, प्रधानमंत्री राहत योजना की जानकारी दी गई तथा फर्स्ट एड बॉक्स वितरित किए गए। इन प्रयासों ने दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
व्यापक यातायात जागरूकता अभियान एवं हेलमेट वितरण
बताया गया कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिले में व्यापक यातायात जागरूकता अभियान संचालित किया गया। पुलिस टीमों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों, संकेतकों के महत्व तथा सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया गया। वाहन चालकों को सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु निःशुल्क हेलमेट वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिससे हेलमेट उपयोग के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ।
ब्लैक स्पॉट सुधार हेतु एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय
यातायात पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), एमपीआरडीसी एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्य सुनिश्चित कराए गए। सतत प्रयासों एवं व्यापक सुधारात्मक कार्यों के परिणामस्वरूप जिले के पूर्व निर्धारित 10 ब्लैक स्पॉट्स में से तीन अति संवेदनशील स्थलों को पूर्णतः सुरक्षित घोषित करते हुए सूची से पृथक कर दिया गया है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रोड इंजीनियरिंग सुधार किए गए। नए एवं स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए गए, वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर एवं बोलार्ड स्थापित किए गए तथा संवेदनशील मोड़ एवं चौराहों पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया।
आमजन से सहयोग की अपील
मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात संस्कृति के निर्माण में सहभागी बनें। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति दिखाई देने पर तत्काल डायल 112 को सूचना दें तथा संभव होने पर मानवता का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति को निकटतम अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। गोल्डन ऑवर में दी गई सहायता किसी व्यक्ति के लिए जीवनदान सिद्ध हो सकती है। मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर