मंत्री काश्यप की माताजी तेजकुंवरबाई का निधन, 83 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

 


भोपाल, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप की माताजी, समाजसेवी तेजकुंवरबाई काश्यप का रविवार को लंबी अस्वस्थता के पश्चात निधन हो गया। उन्होंने 83 वर्ष की उम्र में मुम्बई में अंतिम सांस ली।

परिजनों ने उनके निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है। उनके निधन से परिवार सहित धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा क्षेत्र में शोक व्याप्त है। दिवंगत तेजकुंवरबाई काश्यप की अंतिम यात्रा सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:30 बजे उनके निवास ‘वीसाजी मेंशन’, स्टेशन रोड, रतलाम से निकलेगी। उन्होंने देश-विदेश के विभिन्न जैन तीर्थों की यात्राएं कीं। वे धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में जीवनपर्यंत सक्रिय रहीं।

21 साल की उम्र में संभाली परिवार की जिम्मेदारी

तेजकुंवरबाई का जन्म 17 मार्च 1943 को मध्य प्रदेश के कुक्षी में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय चंपालाल खूंटवाला ने पालिताना तीर्थ में त्रिस्तुतिक जैन समाज की पहली धर्मशाला ‘चंपा निवास’ बनवाई थी। वर्ष 1958 में तेजकुंवरबाई का विवाह रतलाम के अशोक कुमार काश्यप से हुआ। वर्ष 1964 में पति के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने 21 साल की उम्र में परिवार की जिम्मेदारी संभाली। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ उन्होंने धर्म, तपस्या और जनसेवा के कार्यों में जीवन बिताया।

अहिंसा ग्राम में 100 परिवारों के पुनर्वास में योगदान

वर्ष 2005 में चेतन्य काश्यप फाउंडेशन ने रतलाम में ‘अहिंसा ग्राम’ की स्थापना की थी। तेजकुंवरबाई ने यहां 100 जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और अच्छे संस्कार देने के काम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई और अन्य कामों का प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार से जोड़ने में योगदान दिया। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए। तेजकुंवरबाई मुंबई के आदर्श मानव सेवा ट्रस्ट और आदर्श जैन हेल्थ सेंटर सहित कई जनकल्याणकारी संस्थाओं से भी जुड़ी थीं। इन संस्थाओं के माध्यम से उन्होंने जरूरतमंदों के इलाज और सहायता के कामों में योगदान दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर