मध्य प्रदेश में मेडिकल हब बनने से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
- विशेष रीजनल मेडिकल हब के लिये इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर बेहतर जगह
इंदौर, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पाँच विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने की योजना है। प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में विशेष रीजनल मेडिकल हब बनाने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेकहोल्डर कंस्यूलेशन वर्कशॉप फॉर डेवलपमेंट ऑफ इंदौर-उज्जैन हेल्थ एंड वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल हब के बनने से मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश विशेषकर इंदौर में विशेष मेडिकल हब बनने की अपार संभावनाएं है।
शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश में विशेष रीजनल मेडिकल हब के लिये इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर बेहतर जगह है। इंदौर में एक तरफ, ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग है तो दूसरी तरफ उज्जैन में प्रसिद्ध महांकालेश्वर मंदिर है। बाहर से आने वाले नागरिक उक्त दोनों ही ज्योर्तिलिंगों पर दर्शन के लिये आते है। इस दृष्टि से भी विशेष रीजनल मेडिकल हब इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर पर बनाना उपयुक्त है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में एजुकेशन हब है। इंदौर में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर है। रेलवे और एयर कनेक्टिविटी है। व्यवसायी दृष्टि से भी इंदौर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान स्वास्थ्य योजना से नागरिकों का नि:शुल्क इलाज हो रहा है। अभी तक करोड़ नागरिकों द्वारा आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का लाभ ले चुके हैं।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विशेष रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने का उद्देश्य दुनियाभर से आने वाले मरीजों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं आधुनिक तकनीक और किफायती इलाज मुहैया कराना है। भारत की चिकित्सा क्षमता को दुनिया के सामने लाने में विशेष रीजनल मेडिकल हब की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वर्तमान में भारत मेडिकल टूरिज्म इंडेक्स और वेलनेस इंडेक्स में अच्छी स्थिति में है और हमें इसे और बेहतर करना है। मध्यप्रदेश में विशेष रीजनल मेडिकल हब बनने से स्वास्थ्य सुविधाएं, देखभाल रिहैबिलिटेशन सेवाएं और आयुष सेवाएं बेहतर होगी। देश में मेडिकल सेवाएं के बेहतर होने से विदेशी मरीज विशेषकर मध्य एशिया, यूरोपी देश और अफ्रीका से इलाज के लिए मध्य प्रदेश में आएंगे, जिससे विदेशी मुद्रा आएगी और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं है। मध्य प्रदेश देश में तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार अवार्ड प्राप्त कर रहा है। मध्य प्रदेश में बिजली का उत्पादन भी सरप्लस हो रहा है और मध्य प्रदेश दूसरे राज्यों को भी बिजली दे रहे है। ताप्ती-पार्वती, केन, बेतवा आदि नदियों से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। रिन्यूवेबल एनर्जी के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद एवं अन्य भारतीय चिकित्सा को भी बढ़ाने की आवश्यकता है। देहदान और अंगदान के क्षेत्र में जिस तरह का कार्य आज तमिलनाडू, महाराष्ट्र और तेलंगाना प्रदेश में हो रहा है, उस स्तर का कार्य मध्यप्रदेश में भी करने की आवश्यकता है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा का तेजी से विस्तार हुआ है और इसका लाभ मध्य प्रदेश को भी मिला है। टीयर-2 और टीयर-3 सिटी में वेलनेस सेंटर तेजी बढ़ने लगे हैं। आम आदमी की पेइंग केपेसिटी बढ़ी है। श्री शुक्ल ने कहा कि भारत आज जीडीपी में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। शुक्ल ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य का खराब होने का एक बड़ा कारण दूषित पेयजल है। बेहतर होगा कि हम खेती किसानी में रासायनिक उर्वरकों की बजाय गौमूत्र-गोबर खाद् का इस्तेमाल करें, इससे हमारी धरती सुधरेगी और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक समय था कि जब आर्गन ट्रांसप्लांट के लिये हम मुंबई जाते थे, लेकिन अब यह कार्य इंदौर में हो रहा है।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ. सलोनी सिड़ाना, एसीएस हेल्थ अशोक वर्णवाल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और आयुष विभाग के आयुक्त शोभित जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।
एसीएस हेल्थ अशोक वर्णवाल ने कहा कि आज की वर्कशॉप में हेल्थ, होटल, टूरिज्म आदि क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों के अपेक्षा से अधिक सुझाव आये है और अब इस पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। हमें एक कमेटी बनानी होगी जो और आगामी तीन महिनों के भीतर रीजनल मेडिकल हब का फाइनल ड्राफ्ट बना सकें। इस कार्य में सभी को सकारात्मक सोच के साथ काम करने की आवश्यकता है।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं है। इस दृष्टि से इंदौर शहर में अच्छा कार्य हो रहा है। इंदौर के ही चोइथराम अस्पताल में सर्जरी का लाइन डेमों बच्चों को दिखाया जाता है। इंदौर में एयर एम्बुलेंस की बेहतर सुविधा है। बुरहानपुर के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अच्छा कार्य हो रहा है।
वर्कशॉप में अरबिंदों अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विनोद भंडारी ने मेडिकल इंटीग्रेटेड पर बात की। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डी.के. शर्मा ने मेडिकल टूरिज्म को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जोड़ने की बात की। वर्कशॉप में अंगदान,फार्मेसी इंड्रस्टी, इंटरनल टूरिज्म, स्किल डेवलपमेंट, नी रीप्लेसमेंट, क्वालिटी हेल्थ एजुकेशन, ग्लोबल हेल्थ इंश्यूरेंस आदि विषयों पर भी चर्चा हुई। वर्कशॉप में अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव प्रसाद हासानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, डॉ. अशोक यादव सहित अनूप हजेला ने भी अपने विचार रखें।
वर्कशॉप में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला एवं उपस्थित प्रतिनिधियों ने एमवाय परिसर में बनने जा रहे आधुनिक जी-प्लस-8 भवन का थ्रीडी प्रजेंटेशन का अवलोकन किया। बताया गया आधुनिक सुविधाओं से लेस इस शासकीय अस्पताल में 1610 बेड होंगे साथ ही मल्टी लेवल पार्किंग होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर