मप्र: पीथमपुर में केमिकल वेस्ट प्लांट में भीषण आग, धमाकों से दहला औद्योगिक क्षेत्र, करोड़ों का नुकसान

 




पीथमपुर की हजारगो कंपनी में आग, दो अन्य यूनिट भी चपेट में, दमकल की कई गाड़ियां रातभर जुटीं

पीथमपुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। औद्योगिक नगरी पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी में मंगलवार रात करीब 9:45 बजे भीषण आग लग गई। केमिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली इस यूनिट में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक फैल गई, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

आग लगते ही केमिकल से भरे ड्रमों में तेज धमाके होने लगे। लगातार विस्फोटों से इलाके में दहशत फैल गई। घटना के समय फैक्ट्री में मौजूद करीब 10 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

दमकल की 15 गाड़ियां, रोबोट और फोम से काबू की कोशिश

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की टीमें मौके पर पहुंचीं। इंदौर और धार से करीब 15 दमकल वाहन बुलाए गए। प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और एसपी मयंक अवस्थी ने घटनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेशन की निगरानी की। आग बुझाने के लिए फोम एक्सटिंग्विशर, पानी के टैंकर और रेत-बजरी से भरे डंपरों का उपयोग किया गया। आग पर काबू पाने के लिए विशेष रोबोट की भी मदद ली गई। नगर पालिका के अधिकारी रवि देवड़ा के अनुसार अब तक 200 से अधिक पानी के टैंकर इस्तेमाल किए जा चुके हैं। अभी लगातार सप्लाई जारी है।प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। पीथमपुर के नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ ने बताया कि देर रात से जारी प्रयासों के बाद आग पर करीब 90 प्रतिशत नियंत्रण पा लिया गया, जबकि पूरी तरह बुझाने की कार्रवाई जारी है। एक से दो घंटे में पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।

जेसीबी-हाइड्रा जली, कई कंपनियों को भारी नुकसान

भीषण आग की चपेट में आकर फैक्ट्री परिसर में खड़ी जेसीबी और हाइड्रा क्रेन जलकर खाक हो गईं। आग पास की दो अन्य कंपनियों तक फैल गई, जिनमें रेलवे और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी यूनिटें भी शामिल हैं। स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गलार्ड स्टील लिमिटेड को भारी नुकसान हुआ है। कंपनियों के अनुसार उनकी प्लांट और मशीनरी पूरी तरह जल गई, जिससे उत्पादन ठप हो गया है और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है।

धुएं का गुबार कई किलोमीटर तक दिखा

आग इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं का काला गुबार दिखाई देता रहा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया और ढाबों व अस्थायी ठिकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर रास्ते बंद कर दिए गए। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित ‘हजारगो’ कंपनी में इंडस्ट्रियल वेस्ट के निस्तारण के दौरान ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी, जो फैलकर एक-दो अन्य कंपनियों तक पहुंची। फिलहाल दोनों प्रभावित कंपनियों में आग को नियंत्रित कर लिया गया है। फिलहाल क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

हादसे के कारणों की जांच के आदेश

प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि औद्योगिक कचरे में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बीएसई लिस्टेड गलार्ड स्टील लिमिटेड के मालिक जौहर काला ने आरोप लगाया है कि पास की यूनिट में लगी आग से उनकी पूरी प्लांट और मशीनरी जलकर खाक हो गई, जिससे दोनों कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में इस औद्योगिक क्षेत्र में यह चौथी बार आग की घटना हुई है और इसे वे महज दुर्घटना नहीं मानते। उनके अनुसार, यह स्थिति लगातार दोहराई जा रही है। खतरनाक कचरे के निस्तारण को लेकर पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं।

जनहानि नहीं, हालात नियंत्रण में

प्रशासन के मुताबिक अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। दमकल और राहत दल मौके पर तैनात हैं और आग पूरी तरह बुझने के बाद विशेषज्ञ टीम कारणों की जांच करेगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन परिसर के भीतर अब भी धधकती आग को बुझाने के प्रयास जारी हैं। अब केवल धुएं का गुबार नजर आ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे