मंदसौर: अनिश्चितकाल के लिए बंद मंडी शुक्रवार को भी नहीं चली, जनप्रतिनिधियों ने किया हस्तक्षेप
मंदसौर, 16 जनवरी (हि.स.)। मंदसौर में दो दिनों से मंडी में खरीदी नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है। गुरुवार को जब किसानों का माल नहीं खरीदा गया तो आक्रोशित किसानों ने मंडी के बाहर धरना दिया और महू - नीमच हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। इसके बाद आज शुक्रवार को भी मंडी नहीं चली। किसानों का कहना है कि वे दूर-दराज के गांवों से उपज लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन मंडी बंद रहने और खरीदी नहीं होने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। समय पर बिक्री नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और उचित दाम भी नहीं मिल पाएंगे।
व्यापारियों और हम्मालों के बीच सांमजस्य नहीं बनने से आखिरकार मंडी प्रशासन ने मंडी को आगामी आदेश तक बंद रखने का फैसला किया। इससे किसान मायूस नजर आए और अपनी फसल वापस ले जाने को मजबूर हो गए। मंडी सचिव ने बताया कि कानून व्यवस्था और लोकहित को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है और किसानों से अपील की गई है कि वे फिलहाल मंडी में उपज लेकर न आएं।
मामले को लेकर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री धीरज पाटीदार ने बताया कि व्यापारी संगठन और हम्माल संगठन के नेताओं से हम अपील करते हैं कि वे अपने व्यावसायिक हितों की रक्षा के साथ-साथ किसानों के हितों की भी रक्षा करें। मंदसौर शहर के लिए कृषि उपज मंडी एक आर्थिक संरक्षण है, और ऐसे छोटे विषय के लिए पूरे जिले के किसानों को अपने उपज बेचने से रोकना अपराध की श्रेणी में आता है। श्री पाटीदार ने कहा कि लहसुन का उत्कृष्ट समय चल रहा है, और किसानों को अपने फसल का सही मूल्य मिलना चाहिए। हम सभी प्रकार के लोगों से अपील करते हैं कि वे सौहार्दपूर्ण तरीके से मंडी पुन: चालू करें, और बाकी विषय को कानूनी तरीके से निपटने के लिए छोड़ दें। मंडी क्षेत्र में व्यापारी के साथ मारपीट के मामले में हम कड़ी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। अपराधिक व्यक्ति का संरक्षण किसी भी संगठन को नहीं करना चाहिए।
श्री पाटीदार ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि मंडी प्रशासन दो व्यक्तियों का विवाद मानकर कानून के दायरे में कार्रवाई करें। व्यापारी संगठन और हम्माल संगठन किसानों के हितों की रक्षा करें, मंडी को सौहार्दपूर्ण तरीके से पुन: चालू किया जाए, बाकी विषय को कानूनी तरीके से निपटने के लिए छोड़ दिया जाए, मंडी क्षेत्र में व्यापारी के साथ मारपीट के मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, अपराधिक व्यक्ति का संरक्षण किसी भी संगठन को नहीं करना चाहिए।
मंडी बंद पर विधायक ने की कलेक्टर से चर्चा
कृषि उपज मंडी में अनिश्चितकालीन बंद को लेकर उत्पन्न स्थिति के समाधान हेतु लोकप्रिय विधायक विपिन जैन ने कलेक्टर अदिति गर्ग से चर्चा की। विधायक जैन ने मंडी में व्यापारियों, हम्मालों एवं संबंधित पक्षों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपसी संवाद के माध्यम से गतिरोध दूर करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि मंडी बंद रहने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री जैन ने प्रशासन से शीघ्र पहल कर मंडी में पुन: कृषि उपज की नीलामी प्रारंभ कराने की मांग की, ताकि किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सके।
वही पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसौदया ने कहा कि कृषि उपज मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि संभाग की सबसे बड़ी और बेहतर व्यवस्था मानी जाने वाली कृषि उपज मंडी को बंद करना न तो किसानों के हित में है और न ही व्यापारियों के, श्री सिसोदिया ने कहा कि यदि विवाद व्यापारियों, हम्मालों और तुलावटियों के बीच है, तो उसका खामियाजा किसानों को क्यों भुगतना पड़े, किसान चार-चार दिन तक उपज लेकर लाइन में खड़े रहते हैं और इस समय उन्हें अगली फसल की तैयारी के लिए उपज बेचना अत्यंत आवश्यक है। शादी-ब्याह और लग्न का समय शुरू हो चुका है, अक्षय तृतीया जैसे पर्व भी आने वाले हैं, ऐसे में मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया