मप्र: नामांकन निरस्त मामले काे लेकर मंदसौर में बवाल, कांग्रेसियों पर पानी की बौछार- लाठीचार्ज, कई कार्यकर्ता हिरासत में

 




मंदसौर, 15 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में सोमवार को मंदसौर में युवक कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और खींचतान की स्थिति बन गई।

सोमवार सुबह बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से वे रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। गांधी चौराहे और बालाजी मंदिर के बीच पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा बना रखा था। जैसे ही कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के पास पहुंचे, उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की। कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके चलते मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने पहले समझाइश दी, लेकिन जब कार्यकर्ता नहीं माने तो फायर ब्रिगेड के जरिए पानी की बौछार की गई। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। घटना में कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

एक घंटे तक चली पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच रस्साकशी

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच करीब एक घंटे तक आमना-सामना चलता रहा। पानी की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और विरोध जारी रखा। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कई कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मियों ने पकड़कर हटाया, जबकि कुछ को उठाकर पुलिस वाहनों तक ले जाया गया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार

प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में दुर्गाशंकर धाकड़, राघव सिंह शक्तावत, तरुण खींची, सावन मकवाना, वर्षा, मुकेश धनगर, ऋतिक मालवीय, दुर्गेश पवार, हरिओम बैरागी, योगेंद्र गौड़, ओमप्रकाश, अरबाज मंसूरी और एक अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। वहीं, कार्यकर्ता सम्यक जैन के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।

कांग्रेस का आरोप-लोकतांत्रिक विरोध को दबाया गया

जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “युवक कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी तरीके से भाजपा कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने भाजपा के दबाव में आकर लाठीचार्ज किया और कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया। कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखती है और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही थी।”

बिना अनुमति हो रहा था प्रदर्शन

वहीं, सीएसपी जितेंद्र भास्कर ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बिना अनुमति भाजपा कार्यालय घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा, “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले पानी की बौछार की गई। इसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। कुल 10 से 12 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।”

भारी पुलिस बल रहा तैनात

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर में 5 से 6 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल भी मौजूद रखा गया। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के विरोध में हुआ यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से गर्माए माहौल का संकेत माना जा रहा है। घटना के बाद कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे