भोपाल संभाग के सभी जिलों में कुपोषण को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर करें प्रयास: संभागायुक्त शर्मा
- महिला एवं बाल विकास विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक संपन्न
भोपाल, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि संभाग के सभी जिलों में कुपोषण को दूर के लिए युद्ध स्तर पर करे प्रयास करे। कुपोषण के समूल उन्मूलन के लिए अत्यधिक कुपोषित और मध्यम कुपोषित श्रेणी के बच्चों के कुपोषण के अंतर्निहित कारणों, जैसे भोजन की अनुपलब्धता, चिकित्सकीय जटिलताएं अथवा सामाजिक- व्यवहारगत परिस्थितियों का गहन अध्ययन कर समाधान निकालें।
उन्होंने कहा कि सेक्टर ऑफिसर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने - अपने क्षेत्र के 0 से 5 वर्ष के बीच सेम एवं मेम बच्चों की पहचान, उनका नियमित टीकाकरण, घर जाकर माता - पिता से नियमित स्वास्थ्य की जानकारी, डेटा का आंकलन, हेल्थ चेकअप के आधार पर बच्चों को कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकाले और उन्हें स्वस्थ एवं खुशहाल बचपन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
संभागायुक्त शर्मा मंगलवार को संभागायुक्त कार्यालय में महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास हरिकृष्ण शर्मा, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. नीलम गुप्ता, उप संचालक स्वास्थ्य डॉ. मनीष जोंजारे सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त शर्मा ने निर्देश दिए कि मैदानी स्तर पर समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए जिला स्तर पर सीडीपीओ-बीएमओ तथा डीपीओ-सीएमएचओ के संयुक्त कार्य किये। स्वास्थ्य मानकों में पूर्ण पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उन्होंने टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की संख्या में आ रही डेटा विसंगतियों को तत्काल दूर करने तथा दस्तक अभियान, डायरिया नियंत्रण, एनआरसी भर्ती और चाइल्ड-मैटर्नल हेल्थ मापदंडों की संयुक्त ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, आबा एवं अपार आईडी सहित अन्य शासकीय योजनाओं में सभी हितग्राहियों को शत - प्रतिशत लाभांवित करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को नियमित आंगनबाड़ी का रोस्टर अनुसार एक माह में निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य मैदानी स्तर पर सुधार और परिणाम रिजल्ट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। संभागायुक्त ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में राजगढ़ जिले में वर्ष 2027-28 में द्वितीय प्रसव में बालिका के निर्धारित लक्ष्य 4168 के विरूद्ध मात्र 915 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पंजीयन होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अधिकारियों ने सुनी आवेदकों की समस्याएं
इधर, भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में एडीएम सुमित पांडेय, पीसी शाक्य, प्रकाश नायक ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 163 आवेदन प्राप्त हुए। इस मौके पर एसडीएम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर