मप्रः मकर संक्रांति पर्व पर 19,895 मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग की हुई निर्बाध आपूर्ति

 


भोपाल, 14 जनवरी (हि.स.)। वर्ष 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक रही। मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेश ने अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। बुधवार को मकर संक्रांति पर्व के दिन प्रातः 10 बजकर 36 मिनट पर प्रदेश में 19,895 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की गई, जिसे विद्युत कंपनियों के उत्कृष्ट समन्वय से बिना किसी व्यवधान के पूरा किया गया। इस दौरान प्रदेश की समस्त विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण कंपनियों ने समन्वित प्रयास करते हुए 19,895 मेगावाट की मांग की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की, जिससे आम नागरिकों को पर्व के दिन लगातार और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध रही।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों और विद्युत कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनके अथक परिश्रम, तकनीकी दक्षता और समर्पित कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अधिकतम मांग के समय प्रदेश के सभी उत्पादन केन्द्रों, ट्रांसमिशन लाइनों एवं सबस्टेशनों से पूर्ण समन्वय के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

प्रदेश में बिजली मांग की स्थिति

एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के मुख्य अभियंता प्रदीप सचान ने बताया कि अधिकतम मांग के समय मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर एवं रीवा संभाग) में 5380 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल एवं ग्वालियर संभाग) में 6382 मेगावाट तथा पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर एवं उज्जैन संभाग) में 7780 मेगावाट की मांग दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त सेज एवं रेलवे क्षेत्रों में 353 मेगावाट विद्युत मांग रही।

इस तरह सुनिश्चित हुई आपूर्ति

रिकॉर्ड मांग की पूर्ति के समय प्रदेश के ताप विद्युत गृहों से 3369 मेगावाट, जल विद्युत गृहों से 1450 मेगावाट, प्रदेश में स्थित नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 1466 मेगावाट उत्पादन था। एनटीपीसी, बैंकिंग एवं अन्य स्रोतों से कुल 13610 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर