जबलपुर के बरगी डैम हादसे के मामले में बड़ा खुलासा, गेहूं सर्वेयर कंपनी चला रही थी क्रूज
जबलपुर, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में सोमवार को आउटसोर्स व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि क्रूज का संचालन गेहूं सर्वेयर कंपनी आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रही थी।
पर्यटन विभाग के रिसोर्ट पर तैनात ज्यादातर कर्मचारी इसी कंपनी के जरिए नियुक्त किए गए थे। हादसे के बाद कंपनी की भूमिका और अनुभव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बरगी मेकल रिसोर्ट में 5 नियमित और लगभग 30 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई, उसमें क्रूज चला रहे पायलट महेश पटेल और उनके साथी भी आरबी एसोसिएट कंपनी के कर्मचारी थे। कंपनी इन कर्मचारियों को वेतन देने और कार्य संचालन की जिम्मेदार थी।
वहीं दूसरी ओर आरबी एसोसिएट्स कंपनी ने भी अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा है कि इन कर्मचारियों का चयन हमारी कंपनी के माध्यम से नहीं किया गया है। यह पूर्व में कार्य कर रही संस्था के माध्यम से किया गया था।
मामले में सामने आया है कि आरबी एसोसिएट मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। इसका प्रमुख काम कृषि क्षेत्र में सर्वेयर और गुणवत्ता निरीक्षकों की नियुक्ति करना है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 2022 में स्थापित यह फर्म मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर उपलब्ध कराने का काम करती रही है।
कंपनी के प्रोफाइल में पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन से जुड़ा कोई विशेष अनुभव दर्ज नहीं है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में जल क्रीड़ा प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज का पायलट महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी है। हालांकि, उन्होंने कहा कि महेश को करीब 10 सालों का क्रूज संचालन का अनुभव है। ठेका किस कंपनी को दिया गया, यह उनके विभाग का विषय नहीं है। वे केवल कर्मचारियों के अनुभव के आधार पर बात कर सकते हैं।
हादसे के बाद जांच एजेंसियां कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं की पड़ताल कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को जल सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने का पर्याप्त प्रशिक्षण दिया गया था या नहीं। घटना के समय जबलपुर क्षेत्रीय अधिकारी रहे संजय मल्होत्रा ने कहा कि पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट को मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका मिला हुआ है। हालांकि, उन्होंने अधिक टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका तबादला हो चुका है।
इस हादसे की जांच का जिम्मा न्यायिक आयोग के अलावा भी अलग-अलग स्तर पर सौंपा गया है। सभी पहलुओं पर जांच हो रही है, लेकिन अब तक इस कंपनी पर जांच की आंच नहीं आई है। आरबी एसोसिएट भोपाल मानव संसाधन प्रबंधन और आउटसोर्सिंग सेवाओं वाली कंपनी है। यह अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए सर्वेयर, गुणवत्ता निरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर और वेयरहाउस कर्मचारियों की भर्ती करती रही है। हाल ही में हटाय गया टिकट काउंटर कर्मचारी बृजेंद्र नायक भी इसी कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है।
आरबी एसोसिएट्स की डायरेक्टर ऋषिका आहूजा ने बताया कि हमारी कंपनी द्वारा विभिन्न संस्थाओं में मैन पॉवर आउटसोर्सिंग एवं क्वालिटी कंट्रोल दोनों सेक्टर में सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कंपनी सभी प्रकार के आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं भी सफलतापूर्वक उपलब्ध कराई जा रही हैं और पर्याप्त अनुभव है। वर्तमान में हमारी कंपनी द्वारा सर्वेयर के अतिरिक्त विभिन्न संस्थाओं एवं कार्य क्षेत्रों में लगभग 20 कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विगत कई वर्षों से हमारी कंपनी मैनपॉवर की सेवाएं तथा मैनपींवर के पे-रोल मैनेजमेंट की सेवाएं विभिन्न संस्थाओं को प्रदान करती आ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर