मैहर: उस्ताद अलाउद्दीन खां की विरासत को संरक्षित करने की तैयारी, एसीएस शुक्ला ने किया निरीक्षण
मैहर, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मैहर में संगीत सम्राट बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां की समृद्ध संगीत विरासत को संरक्षित करने और उसे देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) शिव शेखर शुक्ला ने मदीना भवन पहुंचकर प्रस्तावित संग्रहालय स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसीएस ने बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को देखा। उन्होंने बाबा द्वारा तैयार किए गए प्रसिद्ध मैहर बैंड, नल तरंग, विभिन्न वाद्य यंत्रों और उनसे जुड़ी अन्य सामग्री के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों के मुताबिक इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों को केंद्र में रखकर मैहर में एक आधुनिक और भव्य संग्रहालय विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है।
धरोहरों को आधुनिक स्वरूप में संरक्षित करने की तैयारी
निरीक्षण के दौरान शिव शेखर शुक्ला ने संग्रहालय के विकास, भवन के पुनरुद्धार और धरोहरों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्रस्तावित म्यूजियम को पर्यटकों के लिए आकर्षक और जानकारीपरक बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, एसडीएम दिव्या पाटिल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, समाजसेवी डॉ. कैलाश जैन, मदीना भवन के ट्रस्टी सहित अन्य अधिकारी एवं लोग मौजूद रहे। मदीना भवन पहुंचने पर अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां की मजार पर मत्था टेका और अकीदत के फूल अर्पित किए।
बाबा के जीवन के अलग-अलग अध्याय दिखाए जाएंगे
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि एसीएस द्वारा म्यूजियम का निरीक्षण किया गया है। संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन और बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां के वंशजों के सहयोग से मदीना भवन को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित संग्रहालय में बाबा के जीवन और संगीत यात्रा के अलग-अलग अध्यायों को अलग-अलग सेक्टर में प्रदर्शित किए जाने की योजना है। इसमें उनके संगीत साधना के सफर, मैहर से उनके जुड़ाव, उनके द्वारा तैयार किए गए वाद्य यंत्रों और संगीत परंपरा को प्रदर्शित करने पर विशेष जोर रहेगा।
वंशजों से ऐतिहासिक वस्तुएं जुटाने की कोशिश
कलेक्टर ने बताया कि बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां के वंशजों से भी बातचीत की जाएगी। उनके पास मौजूद बाबा से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुओं, दस्तावेजों, वाद्य यंत्रों और अन्य धरोहरों को संग्रहालय तक लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां बाबा के जीवन और उनके योगदान को करीब से समझ सकें।
म्यूजियम के साथ बनेगा पर्यटन सर्किट
कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के मुताबिक वर्तमान में मैहर आने वाले बड़ी संख्या में पर्यटक मां शारदा मंदिर के दर्शन के बाद वापस लौट जाते हैं। ऐसे में प्रशासन की योजना बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां के प्रस्तावित संग्रहालय को मुकुंदपुर और मार्कंडेय आश्रम जैसे पर्यटन स्थलों से जोड़कर एक व्यापक पर्यटन सर्किट विकसित करने की है।
इस पर्यटन सर्किट के जरिए पर्यटकों को मैहर और आसपास के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों की जानकारी एक साथ मिल सकेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे मैहर में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी और होटल, परिवहन, खान-पान सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां की संगीत साधना और मैहर की सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में प्रस्तावित म्यूजियम को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर