मंडला में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग का बड़ा अभियान, कारीगरों को किए 240 मशीनें और टूलकिट वितरित
मंडला, 22 मार्च (हि.स.)। आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति देते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने रविवार को मध्य प्रदेश के मंडला स्थित आरडी कॉलेज में खादी ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत एक भव्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने 280 कारीगरों को लगभग एक करोड़ रुपये की राशि की 240 मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए। इनमें कुम्हारों के लिए इलेक्ट्रिक चाक, हनी मिशन के अंतर्गत मधुमक्खी पालन के बक्से, चमड़ा उद्योग के टूलकिट, सिलाई मशीनें, अगरबत्ती निर्माण मशीनें, फाइबर उद्योग उपकरण तथा अन्य तकनीकी टूलकिट शामिल रहे। इन संसाधनों के माध्यम से कारीगरों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
अपने संबोधन में मनोज कुमार ने कहा कि नए भारत का निर्माण कारीगरों के हाथों की मेहनत से ही होगा। आप सभी खादी के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विज़न के अनुरूप खादी अब केवल वस्त्र नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक 4,000 से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 21 से अधिक खादी संस्थाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जो ग्रामोद्योग को मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इस क्षेत्र का कारोबार 30-35 हजार करोड़ से बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और निकट भविष्य में यह 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा।
उन्होंने कहा कि कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, प्रदर्शनी मंच तथा प्रभावी मार्केटिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे स्थानीय स्तर पर ही अपने उद्यम स्थापित कर सकें और पलायन को रोका जा सके। उन्होंने लाभार्थियों से गुणवत्ता सुधार, आकर्षक पैकेजिंग और बेहतर बाजार संपर्क अपनाने का भी आह्वान किया।
मनोज कुमार ने बताया कि महिलाओं को विशेष रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीन, आटा चक्की और रोटी बनाने की मशीनें भी प्रदान की गईं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। यह आयोजन ग्रामीण उद्योगों को सशक्त बनाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में केवीआईसी के सतत प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस अवसर पर महेंद्र पटेल, विनीत वर्मा संचालक खादी तथा ग्रामोद्योग भोपाल, राजीव खन्ना सहायक निदेशक खादी तथा ग्रामोद्योग भोपाल, अखिलेश सिंह सहायक निदेशक मध्य क्षेत्र खादी तथा ग्रामोद्योग, अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम सोनल सिडाम, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी शिव कुमार डेकाटे सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में हितग्राही मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर