मप्र के विदिशा जिले का कागपुर क्षेत्र पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित

 




- 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र में संरक्षित होंगे वन्य पक्षी और उनका प्राकृतिक आवास

विदिशा, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन के वन विभाग ने विदिशा जिले के विदिशा वनमंडल अंतर्गत स्थित कागपुर क्षेत्र को कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व के रूप में घोषित कर दिया है। राज्य सरकार ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 36 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।

वन विभाग द्वारा गुरुनार को जानकारी दी गई कि अधिसूचना का प्रकाशन 25 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश राजपत्र में किया गया है। बताया गया है कि कागपुर के पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित होने से 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र में वन्य पक्षी और उनका प्राकृतिक आवास संरक्षित होंगे।

वन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार ने स्थानीय समुदायों के साथ परामर्श के बाद इस क्षेत्र को पक्षी संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण पाया। कागपुर क्षेत्र दो नदियों—बेतवा एवं बाह्य—के बीच स्थित है। यहां अत्यंत प्राचीन जलीय संरचना यानी तालाब मौजूद है, जिसके कारण बड़ी संख्या में वन्य पक्षियों का बसेरा रहता है।

अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित क्षेत्र के आसपास कोई वनभूमि या जंगल नहीं है। ऐसे में यहां पाए जाने वाले वन्य पक्षियों तथा उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण के लिए इस क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व के रूप में घोषित किया जाना उपयुक्त पाया गया। शासन के इस निर्णय से क्षेत्र में पक्षियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आवास और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

53.5 हेक्टेयर क्षेत्र कंजर्वेशन रिजर्व में शामिल

अधिसूचना के अनुसार कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर अर्थात 53.5 हेक्टेयर है। यह क्षेत्र विदिशा जिले की विदिशा तहसील तथा विदिशा वनमंडल के अंतर्गत आता है। रिजर्व में ग्राम कागपुर के खसरा क्रमांक 125 एवं 126 की भूमि क्रमशः 16.860 हेक्टेयर एवं 7.076 हेक्टेयर शामिल है। इसके अलावा ग्राम गातला के खसरा क्रमांक 1, 2, 90/1 एवं 105 की भूमि क्रमशः 3.637, 7.357, 6.535 एवं 12.035 हेक्टेयर शामिल की गई है। इस प्रकार विभिन्न खसरा नंबरों की कुल 53.5 हेक्टेयर भूमि को पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व के दायरे में लिया गया है।

चारों दिशाओं से निर्धारित की गई सीमाएं

अधिसूचना में कंजर्वेशन रिजर्व की सीमाओं का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। उत्तर दिशा में बिंदु क्रमांक-1 से बिंदु क्रमांक-10 तक कृत्रिम सीमा एवं राजस्व खसरा क्रमांक 125, 126 तथा 105 की उत्तरी सीमा निर्धारित की गई है। पूर्व दिशा में बिंदु क्रमांक-1 से बिंदु क्रमांक-22 तक कृत्रिम सीमा तथा राजस्व खसरा क्रमांक 105 की पूर्वी सीमा निर्धारित है। दक्षिण दिशा में बिंदु क्रमांक-22 से बिंदु क्रमांक-31 तक कृत्रिम सीमा एवं राजस्व खसरा क्रमांक 1, 2 एवं 90 की दक्षिणी सीमा शामिल है। इसी तरह पश्चिम दिशा में बिंदु क्रमांक-31 से वापस बिंदु क्रमांक-1 तक कृत्रिम सीमा तथा राजस्व खसरा क्रमांक 1, 125 एवं 126 की पश्चिमी सीमा निर्धारित की गई है।

भौगोलिक निर्देशांकों के साथ दर्ज हुई सीमा

कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के लिए अधिसूचना में भौगोलिक निर्देशांक भी दर्ज किए गए हैं। इनमें उत्तर दिशा का प्रमुख बिंदु 23°44'45.18 अक्षांश एवं 77°48'24.72 देशांतर, पूर्व दिशा का बिंदु 23°44'40.45 अक्षांश एवं 77°49'02.88 देशांतर, दक्षिण दिशा का बिंदु 23°44'26.90 अक्षांश एवं 77°48'48.81 देशांतर तथा पश्चिम दिशा का बिंदु 23°44'27.56 अक्षांश एवं 77°48'17.71 देशांतर दर्ज किया गया है।

पक्षी संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कदम

कागपुर क्षेत्र में मौजूद प्राचीन जलीय संरचना के कारण बड़ी संख्या में वन्य पक्षियों का आवास एवं बसेरा है। अब इस क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा मिलने से पक्षियों के प्राकृतिक आवास को संरक्षण मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की जलीय एवं पर्यावरणीय संरचना को सुरक्षित रखने की दिशा में भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन विभाग की अधिसूचना में कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व, विदिशा का नाम, जिला, वन वृत्त भोपाल, वनमंडल विदिशा (टी), तहसील विदिशा तथा क्षेत्रफल सहित इसकी सीमाओं और भौगोलिक निर्देशांकों को विधिवत दर्ज किया गया है। शासन की यह अधिसूचना विदिशा जिले में वन्य पक्षियों एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर