जबलपुरः कृषि संचालक ने किया गोदावरी जैविक फार्म का निरीक्षण, खेती के आधुनिक मॉडल को सराहा

 


जबलपुर, 13 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संचालक उमाशंकर भार्गव ने रविवार को जबलपुर जिले के बरेला क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कलगुड़ी स्थित 'गोदावरी जैविक फार्म' का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने यहाँ अपनाये जा रहे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों और नवाचारों की सराहना की।

कृषि संचालक भार्गव मंडला जिले के प्रवास के बाद बरेला पहुँचे थे। गोदावरी जैविक फार्म के अवलोकन के दौरान इस फार्म के संचालक अजय धगट एवं अंशुमाला धगट ने उनके द्वारा अपनाई जा रही कृषि की आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों की विस्तार से जानकारी दी।

कृषि संचालक को बताया गया कि फार्म में स्थापित डाइजेस्टर से प्रतिदिन लगभग 200 लीटर जीवामृत या जैविक खाद तैयार होती है। इसे पाइप और वेंचुरी प्रणाली के माध्यम से सीधे खेतों तक छिड़काव के लिए पहुंचाया जाता है।

इस अवसर पर कृषि संचालक ने फार्म में अपनाई जा रही मल्टी लेयर फार्मिंग का अवलोकन भी किया। उन्होंने सोलर ड्रायर का निरीक्षण भी किया, जिसके माध्यम से हरी धनिया, भाजी, पुदीना, धनिया व विभिन्न सब्जियों को सुखाया जाता है ताकि उनका प्राकृतिक हरा रंग और गुणवत्ता बनी रहे।

वेदर स्टेशन देखा :-

कृषि संचालक भार्गव ने मौसम के सटीक पूर्वानुमान और प्रबंधन के लिए गोदावरी जैविक फार्म में स्थापित किये गये वेदर स्टेशन को भी देखा। फार्म स्थित गिर गौशाला के अवलोकन के दौरान उन्हें बताया गया कि गायों के गोबर व गौमूत्र की धुलाई नालियों के माध्यम से एक विशेष तालाब में एकत्र होती है, जिसका उपयोग जैविक खाद निर्माण में किया जाता है।

भीतरी मार्ग पर लगाई हल्दी और अदरक :-

गोदावरी जैविक फार्म के भीतर आवागमन के लिए छोड़े गये स्थान के दोनों ओर बोरियों में हल्दी और अदरक उगाई गई है। संचालक ने स्थान प्रबंधन के इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक बेहतरीन जरिया बताया।

इस अवसर पर कृषि संचालक को फार्म में तैयार विभिन्न जैविक उत्पादों की विशेषताओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक रविवार को जबलपुर कृषि उपज मंडी परिसर में लगने वाले जैविक हाट के माध्यम से इन उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है और लगातार इन उत्पादों की मांग बढ़ रही है।

गोदावरी जैविक फार्म की गतिविधियों, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से प्रभावित होकर कृषि संचालक उमाशंकर भार्गव ने फार्म की सराहना की तथा विभागीय अधिकारियों को इस मॉडल पर एक लघु फिल्म बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संयुक्त संचालक केएस नेताम, परियोजना संचालक आत्मा डॉ इंदिरा त्रिपाठी, उप संचालक उमेश कटहरे तथा एसडीओ जबलपुर रश्मि परसाई उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर