मप्रः राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक योगेन्द्र साहू ने डीजीपी से की सौजन्य भेंट
- 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट केस स्टडी के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने पर डीजीपी ने दी बधाई
भोपाल, 23 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय अपराध रकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले जिला विदिशा के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट) योगेन्द्र साहू ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की।
इस अवसर पर डीजीपी मकवाणा ने निरीक्षक योगेन्द्र साहू को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग वर्तमान पुलिसिंग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान क्षमता एवं पेशेवर उत्कृष्टता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस उपलब्धि से प्रदेश के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीक आधारित अपराध विवेचना के लिए प्रेरित होंगे।
उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 19 एवं 20 जून 2026 को आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में देशभर के फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों, फोरेंसिक वैज्ञानिकों एवं पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की थी। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था।
सम्मेलन में मध्य प्रदेश पुलिस के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट) योगेन्द्र साहू को “जांच में फिंगरप्रिंट विज्ञान का स्मार्ट इस्तेमाल” विषय पर प्रस्तुत उत्कृष्ट केस स्टडी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी प्रस्तुति जिला विदिशा के थाना शमशाबाद में दर्ज एक जघन्य ब्लाइंड मर्डर प्रकरण पर आधारित थी, जिसमें घटनास्थल से प्राप्त फिंगरप्रिंट साक्ष्यों एवं नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) के प्रभावी उपयोग के माध्यम से आरोपी की पहचान कर प्रकरण का सफल निराकरण किया गया था।
केस स्टडी में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण, आधुनिक फिंगरप्रिंट विज्ञान तथा NAFIS प्रणाली के प्रभावी उपयोग को विस्तार से प्रदर्शित किया गया, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष सराहना की गई। प्रतियोगी मूल्यांकन में देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों के मध्य इस प्रस्तुति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
यह उपलब्धि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, संचालक फिंगरप्रिंट ब्यूरो मध्य प्रदेश मनोज राजपूत उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर