इंदौरः यात्री बस में आग लगने की घटना पर प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई

 


- यात्रियों को निकाला गया सुरक्षित, घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं

इंदौर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सांवेर रोड के पंथपिपलई क्षेत्र में मंगलवार को दोपहर में उज्जैन-इंदौर मार्ग पर संचालित यात्री बस क्रमांक एमपी 13 पी-2922 में आग लगने की घटना की सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। घटना के समय बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।

बताया गया कि उक्त डीजल यात्री बस उज्जैन से इंदौर के मध्य पंथपिपलई, सांवेर एवं धरमपुरी होते हुए संचालित हो रही थी। पंथपिपलई के समीप बस में आग लगने की स्थिति निर्मित होने पर एआईसीटीएसएल एवं बस ऑपरेटर के आपसी समन्वय से यात्रियों को बिना विलंब सुरक्षित बस से उतारा गया तथा उनके आगे के स्थानांतरण की व्यवस्था की गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल भी घटनास्थल पर पहुँचा और तत्काल आग पर नियंत्रण की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के समय तक बस में सवार किसी यात्री, चालक, परिचालक अथवा अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

बस ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस, परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई

जिला प्रशासन द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए बस ऑपरेटर मेसर्स दिलराज मनमीत ट्रांसपोर्टेशन प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही वाहन के स्टेज कैरिज परमिट को निरस्त करने और वाहन के फिटनेस प्रमाण पत्र तथा अन्य वैधानिक अनुपालन, जैसे अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास, टायरों की स्थिति, विद्युत वायरिंग, बीमा एवं पीयूसी की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाही करने हेतू क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया है। बस में आग लगने के वास्तविक कारणों तथा वाहन को हुई क्षति का आकलन करने के लिए यांत्रिक एवं अग्नि-क्षति परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक आगामी कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए यात्री बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन तथा आवश्यक निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित संचालकों को भी निर्धारित सुरक्षा मापदंडों का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही इस तरह की लापरवाही और मानक संचालन मापदंडों में निगरानी के दौरान कमियां पाए जाने पर लायसेंस निलंबित भी किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर