इंदौरः संभागायुक्त ने की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के क्रियान्वयन हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा

 


इंदौर, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में बुधवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम -2026 के क्रियान्वयन हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष शामिल हुए।

इंदौर संभागायुक्त कार्यालय के वीसी कक्ष से इंदौर अपर कलेक्टर रोशन राय, उपायुक्त (राजस्व) सपना लोवंशी, संयुक्त आयुक्त (विकास) शिवानी वर्मा, नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक एसके सिन्हा, इंजीनियर संजय कुमार, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण यंत्री सुनील उदिया, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सतीश कुमार चौकसे सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश देते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम-2026 सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन करना अतिआवश्यक है। इसको लेकर राज्य शासन से भी निर्देश जारी हुए है। इसी संदर्भ में पहली बैठक आयोजित की गई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिलों में विशेष प्रकोष्ठ का गठन करें। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। वहीं इसकी नियमित समीक्षा करें तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित करने हेतु सैनेटरी लैण्ड फिल एवं सामान्य अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं एकीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की अवसंचरना की ऑडिट कराये तथा चिन्हित समस्याओं और निराकरण हेतु उठाये गए कदमों की निर्धारित समय सीमा में प्रेषित करें।

संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि सभी कलेक्टर विशेष प्रकोष्ठ के गठन में किसी भी प्रकार की अनुपालनहीनता की रिपोर्ट जिला स्तर से संभाग को और फिर राज्य स्तर से सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट तैयार करें और संबंधी राज्य सचिवों को भेजे। सभी जिला कलेक्टर ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं निपटान सुविधाओं की स्थापना हेतु उपयुक्त भूमिका का समयबद्ध चिन्हांकन एवं आवटंन सुनिश्चित करें तथा इस कार्य में स्थानीय निकायों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों के मैरिज गार्डन और होटलों को चिन्हांकित करें, जहाँ से बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है, ऐसे अपशिष्टों का निस्तारण वहीं पर किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि ठोस अपशिष्ट के अवैध परिवहन एवं अनधिकृत रूप से डंपिंग करने वाले स्रोतों की पहचान की जाए। साथ ही ऐसे मामलों में दोषी वाहनों एवं उनके संचालकों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि संभाग के सभी जिले अपने अधिकारिक वेबसाइट पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में एक पृथक पृष्ठ विकसित करें, जिसमें समस्या, क्रियान्वयन की स्थिति तथा प्रगति का नियमित प्रदर्शन किया जाए। साथ ही सुधारात्मक कार्यों की फोटो अपलोड की करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मल्टी-टियर मॉनिटरिंग टास्क फोर्स समिति के आदेश के आधार पर विभिन्न अधिकारियों के दायित्व के क्रियान्वयन हेतु संभाग स्तरीय, जिला स्तरीय, निकाय और वार्ड स्तर पर समितियाँ गठित की जाए।

संभागायुक्त डाँ. खाड़े ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए है कि मानसून विलंब से आने की संभावना है। इसलिए जल परिवहन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। साथ ही उनकी निगरानी करते हुए पेयजल निर्बाध रूप से प्रदान किया जाए। गलियों, मोहल्लों और सड़कों पर विचरित करने वाले श्वानों के लिए आश्रय स्थल बनाये जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर