इंदौरः खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर विशेष निगरानी के लिए चलेगा सघन जांच अभियान

 


- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

इंदौर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा मिलावट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी है। इसी सिलसिले में आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर मिठाई, नमकीन, मावा, घी, खाद्य तेल एवं अन्य त्योहारी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर विशेष निगरानी रखते हुए सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।

यह जानकारी शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक दी गई। बैठक में बताया गया कि संदिग्ध एवं अमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल, हॉस्टल आदि के किचनो में शुद्धता, स्वच्छता और मानक स्तर की सुविधाओं तथा खाद्य सामग्रियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के किचन में भी भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति भी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर वर्मा द्वारा जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई, खाद्य नमूनों की जांच, न्यायालयीन प्रकरणों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों तथा आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और नमूनों का परीक्षण

बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक जिले में 965 निरीक्षण किए गए तथा 2,051 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें 834 लीगल तथा 1,212 सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इसी अवधि में विभिन्न उल्लंघनों से संबंधित 38 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। न्यायालयीन कार्रवाई में 20 प्रकरणों में निर्णय हो गया है। निर्णित सभी 20 प्रकरणों में दोष सिद्ध होने पर 50 लाख रूपये का अर्थदंड लगाया गया।

मिलावट के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

वर्ष 2026-27 में दूध एवं दुग्ध उत्पादों, घी, तेल तथा पेय पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लगभग 31 हजार किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 86 लाख रुपये है। गंभीर अनियमितताओं वाले प्रतिष्ठानों में नमूने लेने, खाद्य कारोबार बंद कराने तथा नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की गई।

जन-जागरूकता और सुरक्षित खानपान पर जोर

मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 2,563 खाद्य नमूनों का स्पॉट परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त 35 जन-जागरूकता कार्यक्रम और 35 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों एवं खाद्य कारोबारियों को मिलावट की पहचान, स्वच्छता तथा सुरक्षित खानपान के प्रति जागरूक किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर