इंदौरः केंद्रीय संयुक्त सचिव ने एफएसटीपी काली बिल्लोद का निरीक्षण किया

 


- घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे से बनेंगे टेबल, कुर्सी और दरवाजे

इंदौर, 19 जून (हि.स.)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छ विभाग की संयुक्त सचिव ऐश्वर्या सिंह ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में एफएसटीपी (फ़िकल स्लज व ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन इकाई) एवं पीडब्लूएमयू ग्राम पंचायत काली बिल्लोद का दौरा कर निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियो से एफएसटीपी और पीडब्लूएमयू के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की एवं महिला कर्मचारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) भोपाल मध्य प्रदेश के मिशन संचालक दिनेश जैन, देपालपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूजा मालाकार, संयुक्त आयुक्त (विकास) शिवानी वर्मा, परियोजना अधिकारी मुकेश वर्मा, सरपंच महेश राठौर, गोपाल जगताप, गौरव निगम एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान केन्द्रीय संयुक्त सचिव ऐश्वर्या सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मकसद ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करना, पर्यावरण प्रदूषण को कम करना, स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना साथ ही रिसाइकल कर पुन: उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इसके अलावा जनसामान्य में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं सामाजिक स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के स्तर में सुधार करना।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत काली बिल्लोद में स्थित एफएसटीपी और ठोस कचरे के निपटान का एक ऐसा माडल है, जिसकी सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हो चुकी है। मध्य प्रदेश का यह एकमात्र ऐसा केन्द्र है, जहां प्रभावी रूप से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किया जाता है। साथ ही ठोस कचरे का वैज्ञानिक संग्रहण पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के कारण स्वच्छ वातावरण जरूरी है। इसलिये फ़िकल एफएसटीपी इस क्षेत्र में अच्छे से कार्य कर रहा है। एफएसटीपी पर काली बिल्लोद के अलावा रणमत बिल्लोद और सलमपुर ग्राम पंचायत से रोजाना डोर टू डोर कचरे का संग्रहण कर परिवहन के माध्यम से एकत्रित किया जाता है। इस ठोस अपशिष्ट को सेग्रीगेशन के अलावा खाद भी बनाई जा रही है।

एश्वर्या सिंह ने कहा कि जिन अस्पतालों, मैरिज गार्डनों एवं बड़े संस्थानों से बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है उनको चिन्हित किया जाये। और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये की वहीं पर कचरे का निपटान हो सकें।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि काली बिल्लाद स्थित एफएसटीपी में शीघ्र ही आधुनिक मशीनें आ रही है। मशीनों के माध्यम से ठोस अपशिष्ट कचरे का वैज्ञानिक विधि द्वारा पहले उसका चूर्ण बनाया जायेगा और उसके बाद उससे दरवाजे, खिड़कियां, टेबल, कुर्सी आदि निर्मित होंगे। इससे कचरे का सही उपयोग होगा वहीं आमदनी भी होगी। ऐश्वर्या सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसके बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाये।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर