इंदौरः जिले में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू, खरीफ की बुआई का कार्य भी प्रारंभ
- इस वर्ष जिले में ढ़ाई लाख हेक्टेयर रकबे में होगी खरीफ फसलों की बोनी
इंदौर, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मंगलवार की शाम से बारिश का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। जिले में बुधवार की सुबह साढ़े 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 22.4 मिलीमीटर (लगभग एक इंच) औसत वर्षा हो चुकी है। बारिश शुरू होते ही जिले में खरीफ की बुआई का कार्य भी शुरू हो गया है।
कृषि उप संचालक सीएल केवड़ा ने बताया कि जिले में वर्ष खरीफ सीजन में कुल 2 लाख 52 हजार 624 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का क्षेत्राच्छादन किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से 2 लाख 33 हजार हेक्टेयर रकबे में सोयाबीन की बोनी होगी, जो कुल क्षेत्र का लगभग 92 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अल नीनो के प्रभाव के कारण मौसम विभाग ने वर्षा की अनिश्चितता की आशंका व्यक्त की है। जिले में जारी मानसून सत्र में अब तक औसतन 80.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है तथा जिन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा हुई है, वहां बोनी का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
कृषि उप संचालक ने आगामी दिनो में कम वर्षा, अतिवर्षा अथवा वर्षा की अनिश्चितता की स्थिति से निपटने के लिए किसानों को सलाह दी है, जिन्हे अपनाकर किसान अपनी फसल सुरक्षित कर उत्पादन प्राप्त कर सकते है।
बुवाई के तरीके:-
सूखे और जलभराव (पानी जमा होने) की स्थिति को ठीक से संभालने के लिए 'ब्रॉड बेड फरो' (BBF) या 'रेज़्ड बेड फरो' (RBF) तरीके या मशीन का इस्तेमाल करके बुवाई की जाए।
किस्मों का चुनावः-
जल्दी पकने वाली सोयाबीन की किस्मों (90-95 दिनों में पकने वाली) जैसे NRC 150, NRC 165, JS 23-03, JS 23-09, JS 22-12 और JS 22-16 को प्राथमिकता दी जाए।
पौधों की सही संख्याः-
प्रति हेक्टेयर 60-65 किलोग्राम बीज दर का इस्तेमाल करके पौधों की सही संख्या बनाए रखें; इसमें कतार से कतार की दूरी 45 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 5-10 सेमी होनी चाहिए। नमी की भारी कमी (सूखे) की स्थिति में, बीज दर को सामान्य दर से 10% बढ़ा दें और कतारों के बीच की दूरी 30 सेमी रखें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर