इंदौरः पुरानी रंजिश में युवक की हत्या के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास

 


इंदौर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में पुरानी रंजिश के चलते युवक निखिल खलसे की हत्या के मामले में जिला अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वारदात के दौरान निखिल हमलावरों से बचने के लिए एक दुकान में जा छिपा था, लेकिन आरोपियों ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। दुकान के भीतर उसके सिर पर चाकू से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई।

अदालत ने 24 अक्टूबर को प्रकरण में फैसला सुनाया था, जबकि आदेश सोमवार को जारी किया गया। हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए पांचों आरोपियों को अन्य धाराओं में भी सश्रम कारावास की सजा दी गई है। प्रत्येक आरोपी पर कुल 9 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जघन्य एवं चिह्नित प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था।

अभियोजन के अनुसार, यह घटना 9 मई 2023 की है। इस दिन शाम करीब सात बजे फरियादी मोहित शिंदे अपने घर के नीचे निखिल खलसे के साथ खड़ा था। इसी दौरान आरोपी बाइक से वहां पहुंचे। उन्होंने निखिल पर आरोप लगाया कि वह अपने साथी अर्पित खटे की हत्या के आरोपियों की मदद करता है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और आरोपियों ने चाकू निकालकर निखिल पर हमला कर दिया।

हमले में निखिल के कंधे और पीठ पर चोटें आईं। जान बचाने के लिए वह मदरलैंड स्कूल की तरफ भागा। इसके बाद वह वापस लौटा और दीवाने ऑटो पार्ट्स नामक दुकान में घुस गया। आरोपियों ने उसका पीछा करते हुए दुकान में प्रवेश किया और उसके सिर पर चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल निखिल खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू जब्त किए। जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। वहीं, दो बाल अपचारियों से संबंधित प्रकरण अलग से किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया गया।

डिप्टी डायरेक्टर आशीष खरे ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत में 13 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य और अपने तर्क प्रस्तुत किए। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सहित अन्य सजाएं सुनाईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर