इंदौरः माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव 2026 में शिक्षा एवं कौशल विकास कार्यशाला संपन्न
- नई शिक्षा नीति युवाओ के सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित: प्रबल सिपाहा
इंदौर, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन द्वारा इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार को आयोजित 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव 2026' के अंतर्गत युवाओं के वैचारिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'शिक्षा एवं कौशल विकास' विषयक कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
यह कार्यशाला मुख्यतः उच्च शिक्षा, रोजगारोन्मुखी कौशल एवं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में युवाओं की भूमिका पर आधारित रही। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रबल सिपाहा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से पूर्व पारंपरिक रूप से केवल डिग्री को महत्व दिया जाता था। लेकिन अब नई नीति के तहत डिग्री के साथ-साथ विद्यार्थियों के कौशल और सर्वांगीण विकास को प्रमुखता दी गई है। इससे युवा न केवल शिक्षित होंगे, बल्कि आत्मनिर्भर और रोजगारपरक भी बनेंगे।
उन्होंने 'पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों को समेकित कर युवा संकल्प में सम्मिलित किया जाएगा।
कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला: बसंत कुर्रे
कार्यशाला में कौशल विकास संचालनालय के संचालक बसंत कुर्रे ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजित करने की क्षमता भी विकसित करें और स्किल्ड इंडिया, कौशलयुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यशाला में उपस्थित विषय विशेषज्ञ पैनल के अंतर्गत होलकर विज्ञान महाविद्यालय से संबद्ध एवं उच्च शिक्षा विभाग की एसएसी सेल की मुख्य सदस्य डॉ स्वागता गुप्ता ने 'उच्च शिक्षा की प्रणाली और उन्नत भारत' विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा वर्तमान समय में शिक्षा की सार्थकता सिर्फ इनपुट या आउटपुट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब वह 'इम्पैक्टफुल' यानि प्रभावशाली हो और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके। उन्होंने रेखांकित किया कि शासन द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी दूरगामी सोच पर आधारित है। सत्र के दौरान डॉ. गुप्ता ने उच्च शिक्षा विभाग की मूलभूत समस्याओं और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की, साथ ही उपस्थित युवाओं और विद्यार्थियों द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों का स्वागत करते हुए उनके मन में उठने वाली विभिन्न शंकाओं और जिज्ञासाओं का बेहद सरल ढंग से निवारण किया।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ पैनल में संचालक कौशल विकास, भोपाल एवं आईटीओटी भोपाल प्राचार्य अंचल शुक्ला,उप संचालक कौशल विकास इंदौर प्रियंका बामने,एम.एल.बी. कॉलेज से संबद्ध रागिनी ठाकुर,शासकीय संभागीय आईटीआई इंदौर प्राचार्य रीना सोलंकी, होलकर विज्ञान महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. संध्या दीक्षित, डॉ.राकेश दागी उपस्थित रहे। इस अवसर में बड़ी संख्या में विभिन्न कॉलेजों के युवाओ ने सहभागिता की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर