इंदौरः जनसुनवाई में नागरिकों को मिला त्वरित समाधान, किसी को मिली दुकान तो किसी को रोजगार

 


इंदौर, 13 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से प्रति सप्ताह आयोजित की जा रही जनसुनवाई के सकारात्मक परिणाम निरंतर सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी समस्याएँ रखीं। जनसुनवाई के दौरान कई ऐसे प्रसंग सामने आए, जहाँ समस्याओं के समाधान पर नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रारंभ की गई इस व्यवस्था की सराहना की तथा प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

जनसुनवाई में एक बुजुर्ग दंपत्ति चंदनबाला एवं पारस जैन ने कलेक्टर शिवम वर्मा का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि पिछली जनसुनवाई में उन्होंने अपने किराएदार द्वारा दुकान खाली न किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने दुकान को कब्जा मुक्त कर उन्हें सौंप दिया। इसी प्रकार देपालपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पेमालपुर की सहवादा ग्राम के ग्रामीणों ने भी जनसुनवाई की सार्थकता सिद्ध होने पर कलेक्टर का अभिनंदन किया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पुरानी सड़क की मांग अब पूरी हो गई है। कुछ लोगों द्वारा सड़क निर्माण में बाधा डाली जा रही थी, जिसे प्रशासनिक प्रयासों से दूर कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। यह सड़क जनभागीदारी से बनाई जा रही है।

जनसुनवाई में एक दृष्टिबाधित दिव्यांग सुनील सेन भी उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के माध्यम से उन्हें रोजगार प्राप्त हुआ है। जनसहयोग से जेयू जोशी एवं उनके साथियों द्वारा उन्हें एक गाड़ी उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से वे पूजन सामग्री, सेनेटरी सामग्री एवं कैलेंडर आदि का विक्रय कर रहे हैं। इससे उन्हें सम्मानजनक आजीविका मिल रही है। अधिकारियों ने आज इस दिव्यांग से कैलेंडर क्रय कर आवेदकों को वितरित भी किए। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए भी पहल की गई है।

जनसुनवाई में शासकीय पीएम श्री विद्यालय की पूर्व प्राचार्य भारती पवार ने पेंशन प्राप्त नहीं होने की समस्या रखी। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तत्काल पेंशन स्वीकृत कर अन्य लंबित भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के भी निर्देश दिए। जनसुनवाई में कुल लगभग 295 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया गया। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर