इंदौरः त्यौहारों पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालो के विरूद्ध चल रहे अभियान को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी

 


- फटाखा दुकान- गोदामों में अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षात्मक प्रबंध नहीं करने वालों के विरूद्ध होगी कार्रवाई

इंदौर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने सोमवार को समय-सीमा पत्रों के निराकरण (टीएल) की समीक्षा में सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों में लंबित समय-सीमा पत्रों तथा जनसमस्याओं के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि त्यौहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालो के विरूद्ध चल रहे अभियान को और अधिक तेज कर प्रभावी बनाया जाये। उन्होंने नापतोल विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर कार्रवाई

कलेक्टर शिवम वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करें तथा आवेदकों को संतुष्टिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने रेंडम रूप से 4 प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की। प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के ब्लाक मेडिकल ऑफिसर का पांच दिन का वेतन काटने, परदेशीपुरा अस्पताल के पीएचएम का सात दिन का वेतन काटने, प्राचार्य शासकीय नवीन महाविद्यालय का तीन दिन का वेतन काटने तथा नगर निगम झोन-10 के वार्ड क्रमांक-39 के उपयंत्री का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये।

फटाखा दुकान और गोदामों के सुरक्षित संचालन के संबंध में दिये निर्देश

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने दीपावाली त्यौहार को देखते हुए अग्नि सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फटाखा दुकानों और गोदामों का नियमित और सघन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाये। सभी जगह फायर सेफ्टी के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित किये जाये। यह तय किया जाये कि फटाखा दुकान और गोदाम वही व्यक्ति संचालित करें, जिसे लायसेंस प्राप्त है। लाइसेंसी के अलावा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा फटाखा दुकान/ गोदाम संचालित करते पाये जाने पर उसका लायसेंस निरस्त किया जाये।

फायर सेफ्टी व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करें

कलेक्टर ने जिले में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। जहां आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रबंध नहीं पाए जाएं, वहां संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने शासकीय मंदिरों की वर्तमान स्थिति, संधारण एवं संचालन आदि की समीक्षा की।

बैठक के प्रारंभ में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक सुभाष चंद्र ने अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में जल एवं पर्यावरण सरंक्षण की और विशेष ध्यान दिया जाये। इस संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाये। साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाये। इसके लिये अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जाये।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर