इंदौरः एआई की मदद से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर, विद्या शक्ति अभियान का पायलट प्रोजेक्ट शुरू
- कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, आईआईटी चेन्नई की टीम करेगी सतत मार्गदर्शन
इंदौर, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'विद्या शक्ति' अभियान के अंतर्गत एक अभिनव पायलट परियोजना प्रारंभ की गई। प्रथम चरण में कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण बुधवार को बाल विनय मंदिर में दिया गया।
इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एआई के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि आईआईटी चेन्नई की टीम के सहयोग से जिले में शिक्षण की पारंपरिक पद्धति में नवाचार किया जा रहा है। एआई आधारित एप की सहायता से शिक्षक अपने लेक्चर प्लान, क्लासवर्क, होमवर्क तैयार करने, विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण करने तथा मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित बनाने जैसे कार्य आसानी से कर सकेंगे। इससे शिक्षकों का समय बचेगा और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से विज्ञान और गणित जैसे विषयों के जटिल सिद्धांतों को एनिमेशन एवं विजुअल मॉडल के जरिए सरलता से समझाया जा सकेगा। गैस के अणुओं की गति , विद्युत धारा का प्रवाह, रासायनिक प्रक्रियाओं जैसे कठिन विषयों को विद्यार्थी सहजता से समझ सकेंगे, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ मजबूत होगी।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि फिलहाल इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद भी आईआईटी चेन्नई की 'विद्या शक्ति' टीम ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन करेगी तथा प्राप्त फीडबैक के आधार पर इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करती है। शिक्षक जितना अधिक इस तकनीक का उपयोग करेंगे, उतना ही विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया बेहतर होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर नवाचारों का अग्रणी शहर है और यह पहल भी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बनेगी, जिसे भविष्य में अन्य जिले भी अपनाएंगे।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। इंदौर में एआई आधारित यह प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला साबित होगा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, पी. नागराजन (मैनेजिंग ट्रस्टी, ओपन मेंटर ट्रस्ट एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर, विद्या शक्ति) तथा शिवाय सहित संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर