मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में हो रहे हैं महत्वपूर्ण निर्णय : कृषि मंत्री कंषाना

 


- उड़द के उपार्जन पर एमएसपी के साथ किसानों को मिलेंगे अतिरिक्त 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस

- अगले 5 साल के लिए 10500 करोड़ की 5 किसान हितैषी योजनाओं को रखा जाएगा जारी

भोपाल, 06 मार्च (हि.स.) । मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसान कल्याण वर्ष में किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10 हजार 500 करोड़ रुपये की लागत की 5 किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतर रखने को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि अब यह 5 योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी और इसका सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा।

मंत्री कंषाना ने शुक्रवार को जारी अपने संदेश में कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द एवं तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी दी जाएगी। मध्यप्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस वर्ष 3.38 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होने की संभावना है।सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लिया जाएगा। जिन पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है उनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप-मोर क्रॉप), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - ऑयल सीड योजना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि 2008.683 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना की मंजूरी से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जा सकेगी।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप-मोर क्रॉप)

कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि 2393.97 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की मंजूरी से किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए शासकीय अनुदान 31 मार्च 2031 तक निरंतर मिलता रहेगा। इस योजना से किसान के खेतों में माइक्रो इरीगेशन सुविधाओं में अगले 5 सालों तक लगातार विस्तार होता रहेगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना

कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि 3285.49 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से ऐसे किसान, जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों का पैदावार उत्पादन हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, अपना उत्पादन बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग राज्य सरकार के जरिए निरंतर मिलता रहेगा।

नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग

कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि 1011.59 करोड़ रुपये की इस योजना की स्वीकृति से प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार 31 मार्च 2031 तक निरंतर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का विकास जरूरी है। यह न केवल मध्यप्रदेश की नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, वरन् मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - ऑयल सीड योजना

कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि 1793.87 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल सीड योजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के ऐसे सभी किसानों को, जो तिलहन फसलों का उत्पादन करते हैं, उन्हें निरंतर लाभ प्राप्त होगा। इन पांच किसान मित्र योजनाओं को अगले 5 सालों तक निरंतर रखने से किसानों के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा। साथ ही रसायन युक्त उत्पादन से निजात पाने में भी ये 5 योजनाएं बेहद सहायक सिद्ध होंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत