उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जनअभियान के रूप में संचालित करें - कलेक्टर
अंतरविभागीय समन्वय बैठक में सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा
ग्वालियर, 29 जून (हि.स.)। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जिले में जनअभियान के रूप में संचालित करें। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऐसे सभी 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के नागरिकों को चिन्हित किया जाए, जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं। उन सभी को सरकार की मंशा के अनुरूप नव साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षा मित्रों के माध्यम से साक्षर किया जाए।
यह निर्देश मध्य प्रदेश की ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में ई-टोकन से खाद वितरण, निर्माण श्रमिकों का पंजीयन व श्रम विभाग की योजनायें, लोक सेवा गारंटी कानून में शामिल सेवाएं, पेयजल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन, नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति सुचारू करना, सीएम हैल्पलाइन एवं केपीआई (के परफोर्मेंस इंडीकेटर) में शामिल प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर ने नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे नागरिकों की समग्र आईडी सहित सूची प्रतिदिन अद्यतन करें। साथ ही चिन्हित लोगों को निकटवर्ती विद्यालयों में पंजीकृत कराया जाए। विद्यार्थी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जनअभियान परिषद, स्वयंसेवी शिक्षक एवं सेवाभावी नागरिकों को साक्षरता मित्र (अक्षर साथी) बनाकर प्रत्येक को पाँच-पाँच लोगों को साक्षर करने की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बैठक में बताया गया कि एनआईएलपी-एमपी मोबाइल एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति शिक्षा मित्र बन सकता है।
कलेक्ट्रेट में सोमवार को हुई बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, एडीएम सीबी प्रसाद व अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
सभी पात्र किसानों से ई-टोकन जनरेट कराने पर जोर
कलेक्टर ने खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किसानों को ई-टोकन जनरेट करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप किसानों को ई-टोकन के आधार पर निकटवर्ती सहकारी समिति से समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 54 हजार 370 ई-टोकन जनरेट हुए हैं, जिनके आधार पर 34 हजार 993 किसानों ने 17 हजार 903 मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त किया है। वर्तमान में जिले में 20 हजार 921 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। कलेक्टर ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके एवं एसएसपी उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। साथ ही निर्धारित सीमा से अधिक खाद लेने वाले किसानों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण कर जियो-टैग फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निर्माण श्रमिकों का पंजीयन तेजी से करें और समय-सीमा में उपलब्ध कराएं सेवाएं
कलेक्टर रुचिका चौहान ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का उल्लंघन होने पर नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई की जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना के नवीन आवेदन, लर्निंग लाइसेंस तथा श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन सहित अन्य सेवाओं के आवेदन लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राथमिकता से प्राप्त करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। साथ ही कहा कि शासकीय योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण कार्यों एवं रैरा में पंजीयन के आधार पर चल रहे कॉमर्शियल निर्माण क्षेत्रों में संलग्न श्रमिकों का पंजीयन अभियान बतौर किया जाए।
पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन एवं नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति रहे सुचारू
बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने पीएचई विभाग को हैंडपंपों एवं अन्य पेयजल स्रोतों का अभियान चलाकर क्लोरीनेशन कराने तथा इसकी जियो-टैग फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से कहा कि विद्युत संबंधी समस्याओं के कारण जिले की कोई भी नल-जल योजना बाधित नहीं होनी चाहिए।
सीएम हेल्पलाइन एवं केपीआई योजनाओं की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर बल दिया। साथ ही केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) में शामिल प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर