रंगों का पर्व होली सभी के जीवन में खुशियों के इंद्रधनुष बिखेरे : मंत्री निर्मला भूरिया
झाबुआ, 03 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश की महिला-बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि होली का पर्व भारतीय संस्कृति का उल्लास, उमंग और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह त्यौहार हमें प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के रंगों से समाज को सराबोर करने की प्रेरणा देता है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को प्रदेश की समस्त माताओं, बहनों, बेटियों एवं बच्चों सहित सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं है। उन्होंने कहा कि होली का यह पावन पर्व हमारे जीवन से नकारात्मकता को दूर कर नई ऊर्जा, नई आशा और नई सकारात्मक सोच का संचार करे। यह अवसर है जब हम आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के जीवन में खुशियों के रंग भरें और समाज में समानता, सम्मान तथा सुरक्षा की भावना को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल होली मनाने का संकल्प लें तथा महिलाओं और बच्चों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करे।
कलेक्टर कार्यालय में होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न
इधर, झाबुआ के कलेक्टर कार्यालय परिसर में मंगलवार को होली मिलन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। समारोह में कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को होली पर्व की बधाई देते हुए कहा कि होली आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखें। समारोह के दौरान कार्यालय परिसर में आत्मीय वातावरण देखने को मिला। सभी ने आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देते हुए होली की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम का समापन पारस्परिक शुभकामनाओं के साथ हुआ।
स्वच्छ, स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण होली मनाने की अपील
जिलेवासियों को रंगों के पावन पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने अपने संदेश में कहा कि होली आपसी प्रेम, भाईचारे, सामाजिक समरसता और सौहार्द का प्रतीक है। यह पर्व हमें भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे के साथ खुशियाँ साझा करने तथा समाज में सकारात्मकता और एकता को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि होली भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है, जो हमें अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश देती है। यह अवसर है कि हम आपसी मतभेदों को भुलाकर मिल-जुलकर खुशियाँ बाँटें और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।
कलेक्टर ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि इस वर्ष होली को “स्वच्छ और स्वस्थ होली” के संकल्प के साथ मनाते हुए हर्बल एवं प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करें। रासायनिक रंगों से त्वचा, आँखों तथा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल रंगों को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण का ध्यान रखें तथा अनावश्यक रूप से पानी की बर्बादी न करें। साथ ही किसी भी व्यक्ति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध रंग न डालें। विशेष रूप से पशु-पक्षियों पर रंग न डालें, क्योंकि रासायनिक रंग उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। हमें अपने पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए।
कलेक्टर ने युवाओं से आग्रह किया कि वे होली के अवसर पर शांति, सद्भाव और अनुशासन बनाए रखें तथा सामाजिक सौहार्द को मजबूत करें। अंत में उन्होंने समस्त जिलेवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह होली सभी के जीवन में खुशियों, उमंग और नई ऊर्जा के रंग भर दे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर