मप्र हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के खिलाफ दायर याचिका खारिज

 


कांग्रेस नेता नीरज शर्मा की रिट पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा - याचिका पूर्णतः भ्रांतिपूर्ण

भोपाल, 01 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत को बड़ी राहत देते हुए कांग्रेस नेता एवं पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका मंत्री राजपूत के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए चुनावी शपथपत्र में संपत्ति संबंधी जानकारी छिपाने के आरोपों को लेकर दायर की गई थी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए नीरज शर्मा की याचिका को यह कह कर निरस्त कर दिया कि दायर याचिका पूर्णतः भ्रांतिपूर्ण है। इसी विषय से संबंधित कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा की याचिका पर भी संयुक्त रूप से सुनवाई हुई। इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने भी अपनी तरफ से उच्च न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत किया है। हालांकि, धनोरा की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस के लिए समय मांगा, जिसके बाद न्यायालय ने याचिका की पोषणीयता (मेंटेनेबिलिटी) पर सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने अपने परिवार से संबंधित एक शिक्षा समिति की संपत्तियों का विवरण चुनावी हलफनामे में शामिल नहीं किया। इस पर मंत्री की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विवेक रंजन पाण्डेय ने न्यायालय में पक्ष रखते हुए कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार प्रत्याशी को केवल अपनी तथा अपने आश्रितों की संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य है। मंत्री राजपूत ने अपने तथा अपनी आश्रित पत्नी की सभी संपत्तियों का पूर्ण विवरण शपथपत्र में प्रस्तुत किया था और किसी प्रकार की जानकारी नहीं छिपाई गई।

अधिवक्ता पाण्डेय ने बताया कि दोनों याचिकाएं विधानसभा चुनाव संपन्न होने के लगभग दो वर्ष बाद दायर की गईं, जो निर्वाचन कानूनों की भावना के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने भी न्यायालय से इन याचिकाओं को निरस्त किए जाने का आग्रह किया है।

छवि धूमिल करने असत्य एवं भ्रामक याचिकाएं दायर की : मंत्री राजपूत

फैसले के बाद शनिवार काे अपनी प्रतिक्रिया में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि उन्होंने अब तक सात विधानसभा चुनाव लड़े हैं और कभी भी अपने चुनावी शपथपत्र में कोई जानकारी नहीं छिपाई। उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध आज तक कोई चुनाव याचिका भी प्रस्तुत नहीं हुई है। उनके अनुसार केवल मीडिया में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से असत्य एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। उन्होंने कहा कि समान आधार वाली एक याचिका उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी है, जबकि दूसरी याचिका पर अभी सुनवाई शेष है। मंत्री ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा भरोसा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे