ग्वालियर में तैयार होगी “फायर सेफ्टी सेना”, अग्नि सुरक्षा को लेकर हुआ सार्थक जन संवाद

 


ग्वालियर, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अग्नि सुरक्षा के प्रति जन-जन को जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार देर शाम कलेक्टर रुचिका चौहान की पहल पर समाज के सभी वर्गों के साथ सार्थक संवाद हुआ। कलेक्टर ने कहा कि ग्वालियर को अग्नि दुर्घटनाओं से सुरक्षित करने के लिये सभी के सहयोग से वॉलेंटियर प्रशिक्षित कर “फायर सेफ्टी सेना” तैयार की जाएगी। इस पर संवाद कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने सहमति जताई।

इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जिस तरह सड़क दुर्घटना में पहला घंटा घायल व्यक्ति का जीवन बचाने के लिये अस्पताल तक पहुँचाने का गोल्डन अवर होता है, उसी तरह अग्नि दुर्घटना में कुछ सेकेंड व मिनट गोल्डन माने जाते हैं। इसलिये हमें फायर ब्रिगेड के इंतजार में खड़े न रहकर आग बुझाने के लिये एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इससे आग लगने की छोटी सी घटना को बड़ी घटना में तब्दील होने से रोका जा सकता है। पर इसके लिये शतप्रतिशत घरों व प्रतिष्ठानों में कोई न कोई अग्निशमन यंत्र होना व उनके इस्तेमाल के तरीके आना जरूरी हैं।

कलेक्टर ने कहा कि फायर सेफ्टी सेना के लिये शहर के प्रत्येक बाजार, मोहल्ला, शिक्षण संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों इत्यादि के कामगारों को प्रशिक्षण दिलाकर वॉलेंटियर तैयार किए जायेंगे। एसडीआरएफ के सहयोग से अभी तक लगभग 350 सेल्फ डिफेंस वॉलेंटियर तैयार किए जा चुके हैं। ये सभी भी फायर सेफ्टी सेना के हिस्सा होंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 29 से 31 मार्च तक ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा मेला लगने जा रहा है, जिसमें अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई जायेंगीं। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी खरीदे जा सकेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह ने संवाद के दौरान आह्वान किया कि हम अपने घरों, प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता न करें।

अग्नि दुर्घटना से बचने के लिये साझा प्रयास जरूरी हैं। इस दिशा में कलेक्टर रुचिका चौहान ने अनुकरणीय पहल की है।

बुधवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में अग्नि सुरक्षा को लेकर आयोजित हुए संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, रहवासी संगठन, जनप्रतिनिधिगण, व्यापारिक, औद्योगिक, कोचिंग संस्थान, दुकानदार एसोसिएशन, निजी अस्पताल संचालक, एनजीओ, ट्रांसपोर्ट नगर एसोसिएशन, दवा व्यापारी संघ, आतिशबाजी विक्रेता संघ, पेट्रोल पंप संचालकगण, कृषि उपज मंडी व्यापारी व मैरिज गार्डन संगठन, समाजसेवियों, शैक्षणिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं फायर वॉलेंटियर ने भाग लिया। साथ ही सभी ने ग्वालियर जिले को अग्नि दुर्घटना से सुरक्षित करने में अपना सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। संवाद कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ की टीम द्वारा विभिन्न प्रकार की अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय, सावधानियां व अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की बारीकियां समझाईं। संवाद के अंतिम सत्र में समाज के सभी घटकों के प्रतिनिधियों ने अग्नि सुरक्षा से बचाव के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए।

संवाद में इनकी रही मौजूदगी

अग्नि सुरक्षा को लेकर हुए संवाद में जिला पंचायत की अध्यक्ष दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, विधायक सुरेश राजे, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, एडीएम सी बी प्रसाद, कैट के पदाधिकारी भूपेन्द्र जैन, लघु उद्योग भारतीय के अध्यक्ष सोबरन सिंह तोमर, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव नवल शुक्ला व जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह घुरैया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बिजली संबंधी अग्नि दुर्घटना से बचने हर घर में अच्छी वायर व एमसीबी लगवाएं

विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक पीआर पाराशर ने संवाद कार्यक्रम में सलाह दी कि घरों में अच्छी क्वालिटी की वायरिंग व एमसीबी होना जरूरी है। जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर आग फैलने की संभावना न्यूनतम रहेगी। उन्होंने सलाह दी कि कमरे के आकार के अनुसार प्रोपर क्षमता का एसी लगवाना चाहिए। साथ ही घरों का एसी 25-26 तापमान पर चलाएं। कम तापमान पर लगातार एसी चलाने से कंप्रेसर गर्म होकर ब्लास्ट हो सकता है। उन्होंने घटिया क्वालिटी के सफेद बिजली तार इस्तेमाल न करने का आह्वान भी किया।

संवाद में यह भी सुझाव आए

संवाद कार्यक्रम के दौरान सीए लक्ष्मी जैन ने सलाह दी कि स्कूली बच्चों को अग्नि शमन के बारे में जानकारी दी जाए और उनकी परीक्षा भी ली जाए। बच्चों को प्रोत्याहित करने के लिए प्रशासन उन्हें सर्टिफिकेट भी दें। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस सुझाव का स्वागत किया और कहा कि स्कूलों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जायेंगे। पूर्व पार्षद सुधीर गुप्ता ने कहा कि हर मल्टी में प्रोपर फायर उपकरण हों। क्रेडाई से शैलेंद्र जैन ने कहा कि ग्वालियर में 25 फीस से अधिक ऊँचाईं वाली सभी बहुमंजिला इमारतों में रिफ्यूजी स्यूट होना चाहिए। जिससे आग लगने पर लोग उस स्थल पर खड़े हो सकें। वेदांत कम्प्यूटर एसोसिएशन के संचालक प्रशांत राजावत ने कहा कि एक्सपायर होने जा रहे अग्निशमन यंत्र की गैस का उपयोग छात्रों को फायर उपकरण चलाने के प्रशिक्षण में किया जा सकता है। एनजीओ से जुड़ीं ममता कुशवाह ने जगह-जगह अग्नि शमन की जानकारी के पोस्टर लगवाने की सलाह दी। सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को वालेंटियर के लिए चयन करने का सुझाव भी संवाद में आया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर