ग्वालियरः रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए हितधारक परामर्श बैठक संपन्न

 


- स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और स्टार्टअप को रक्षा क्षेत्र से जोड़ने पर रहा जोर

ग्वालियर, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को राज्य स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में रक्षा प्रतिष्ठानों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, एमएसएमई, स्टार्टअप और रक्षा विक्रेताओं से सुझाव प्राप्त किए गए। इन सुझावों को राष्ट्रीय रक्षा विनिर्माण परामर्श प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

“आत्मनिर्भरता इन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग : प्रमोटिंग स्टेट लेवल इकोसिस्टम्स – स्टेज-III स्टेट लेवल कंसल्टेशन” के तहत यह बैठक आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के ग्वालियर-चंबल क्षेत्रीय कार्यालय की कार्यकारी निदेशक अनीशा श्रीवास्तव ने की। बैठक में डीआरडीई, भारतीय वायु सेना स्टेशन ग्वालियर, टियर स्मोक यूनिट, अडानी डिफेंस, एमआईटीएस ग्वालियर ड्रोन स्कूल, रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों और उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए। शैक्षणिक संस्थानों, एमएसएमई और रक्षा विक्रेताओं ने भी सहभागिता की।

अनीशा श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश के रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम की जानकारी दी। उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने की आवश्यकता बताई। स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, कौशल विकास और एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया। साथ ही क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की रणनीति से अवगत कराया।

बैठक में प्रतिभागियों ने अपने सुझाव साझा किए। स्थानीय उद्योगों को रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही गई। परीक्षण एवं प्रमाणन सुविधाओं के विस्तार का सुझाव दिया गया। उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय पर भी बल दिया गया। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य स्तरीय रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसे राष्ट्रीय रक्षा विनिर्माण परामर्श प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। यह पहल मध्यप्रदेश में रक्षा विनिर्माण को नई गति देगी। साथ ही स्थानीय उद्योगों को नए अवसर उपलब्ध कराएगी। यह केंद्र सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' की मंशा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर