ग्वालियरः “सेवा-संकल्प अभियान”- रंगों और शब्दों में साकार हुआ मेरे सपनों का भारत

 


- स्वच्छ, हरित और विकसित भारत की तस्वीर बनाई नन्हे हाथों ने, भाषणों में गूंजा राष्ट्रप्रेम

ग्वालियर, 19 सितम्बर (हि.स.)। 'सेवा-संकल्प अभियान' के अंतर्गत शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के स्कूलों में 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और देशप्रेम को रंगों और शब्दों में उतार दिया।

जिले के विभिन्न सरकारी व निजी स्कूलों में छठवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। चित्रों में बच्चों का भारत हरियाली से भरा, स्वच्छ और सुंदर दिखा। कहीं 'स्वच्छता ही सेवा' का संदेश था, कहीं प्रकृति बचाने की पुकार, तो कहीं आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर। अनेक बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनकल्याणकारी प्रयासों को चित्रित किया। कई चित्रों में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व और संविधान निर्माण में उनके योगदान को भी दर्शाया गया। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक समानता और संविधान के मूल्यों पर प्रभावी ढंग से विचार रखे।

उनका सपना ऐसा भारत है, जहां स्वच्छता जीवनशैली बने, प्रकृति सुरक्षित रहे, हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर नागरिक देश के विकास में अपनी भूमिका निभाए। इन प्रतियोगिताओं ने बच्चों को केवल मंच ही नहीं दिया, बल्कि अपने सपनों का भारत गढ़ने में अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर भी दिया। बच्चों की रचनाएं इस बात का प्रमाण रहीं कि बेहतर भारत का सपना नई पीढ़ी के मन में पूरे उत्साह के साथ आकार ले रहा है। जिले के सांदीपनि स्कूल कुलैथ, सांदीपनि कन्या विद्यालय ग्वालियर व डीडीनगर, ग्वालियर ग्लोरी स्कूल, प्रगति विद्यापीठ, पीएमश्री हस्तिनापुर, शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास जयेंद्रगंज, शासकीय हाईस्कूल बहोड़ापुर, डेजी मोरल चिल्ड्रन हायर सेकेण्ड्री स्कूल डबरा व एसएसटीएस पब्लिक हायर सेकेण्ड्री स्कूल सहित जिले के अधिकांश शासकीय व निजी विद्यालयों में “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगितायें आयोजित हुईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर