ग्वालियरः जिले में ग्रामीण आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री करने की तैयारियां जारी

 


- सभी एसडीएम ने पटवारियों, पंचायत सचिवों व जीआरएस की बैठक लेकर समझाईं रजिस्ट्री करने की बारीकियां

ग्वालियर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में भी “मध्य प्रदेश स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन” योजना के तहत हितग्राहियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करने के लिये विशेष अभियान चलेगा। इस सिलसिले में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर शनिवार को जिले के सभी एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्र के पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव व रोजगार सहायकों की बैठक लेकर दस्तावेजों के नि:शुल्क पंजीयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया एवं एसडीएम नरेशचंद गुप्ता ने शनिवार को मुरार राजस्व अनुविभाग के पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों की बैठक लेकर ग्रामीण आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री (पंजीयन) करने की प्रक्रिया समझाई। इसी तरह एसडीएम अतुल सिंह, एसडीएम नरेन्द्र बाबू यादव, एसडीएम प्रदीप कुमार एवं एसडीएम राजीव समाधिया ने अपने क्षेत्र के मैदानी कर्मचारियों की बैठक लेकर आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री करने से संबंधित बारीकियां समझाईं।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस अभियान के तहत प्रत्येक निष्पादन अधिकारी को प्रतिदिन औसतन 30 से 40 रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए हैं। जिले में इस योजना से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में निवासरत 69 हजार 700 से अधिक को अपने घर का वास्तविक मालिकाना हक मिलेगा। आगामी 17 सितम्बर से शुरू होने जा रहे “मध्यप्रदेश स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन” अभियान के तहत जिले की सभी 254 ग्राम पंचायतों से जुड़े 494 गाँवों में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीण आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री की जायेंगीं। इस कार्य में जिले के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार, 194 पटवारी, सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं स्थानीय युवाओं का सहयोग लिया जायेगा।

पंजीयन की प्रक्रिया एवं लाभ

“मध्यप्रदेश स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन” योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि की रजिस्ट्री करने के लिये पटवारी द्वारा स्वामित्व अभिलेख का आवेदन दर्ज किया जायेगा। साथ ही पटवारी द्वारा ही सत्यापन / रजिस्ट्री निष्पादन की कार्रवाई की जायेगी। इसी क्रम में तहसीलदार / एसआरओ द्वारा रजिस्ट्री का सत्यापन किया जायेगा। इसके बाद हितग्राही को वॉट्सएप पर तुरंत रजिस्ट्री प्राप्त हो जायेगी। स्वामित्व अधिकार के तहत की गई रजिस्ट्री के कई फायदे होंगे। ग्रामीण क्षेत्र की आबादी भूमि में निवासरत लोगों के लिये यह रजिस्ट्री कानूनी दस्तावेज की तरह काम करेगी। इसके आधार पर हितग्राही बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही अपनी सम्पत्ति का क्रय-विक्रय भी आसानी से कर सकेंगे। यह अभिलेख पूरी तरह सुरक्षित होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर