ग्वालियरः कलेक्टर ने अजयगढ़ में लगाई रात्रिकालीन चौपाल, ग्रामीणों से की विस्तार से चर्चा

 


- योजनाओं की जमीनी हकीकत को भी जाना

ग्वालियर, 30 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में ग्रामीणजनों की समस्याओं को जानने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन तक पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान शनिवार की रात डबरा विकासखंड के पिछोर तहसील की ग्राम पंचायत अजयगढ़ में पहुँचीं और ग्रामीणों से रूबरू हुईं। कलेक्टर को अपने मध्य पाकर ग्रामीण जनों और महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी महिलायें और ग्रामीणजन कलेक्टर से चर्चा करने के लिये उत्साहित थे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने अजयगढ़ में स्थित सिद्धबाबा की पहाड़ी पर रात्रिकालीन चौपाल लगाकर ग्रामीणजनों से विस्तार से चर्चा की और उनकी समस्यायें भी सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से किस प्रकार लाभ लिया जा सकता है, इस संबंध में भी जानकारी दी। रात्रिकालीन चौपाल में कलेक्टर के साथ सीईओ जिला पंचायत सोजान सिंह रावत सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी एक साथ बस में रवाना होकर चौपाल पहुँचे थे।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि ऐसे बुजुर्ग जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो गई है और जिनके पास भूमि भी नहीं है उनको पेंशन देने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। चौपाल में ही चार ऐसे बुजुर्ग जनों का चयन किया गया, जिन्हें पेंशन की पात्रता थी। चौपाल में गाँव की एक बस्ती में लाइट न होने की शिकायत पर जब कलेक्टर ने जानकारी ली तो विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर बिल बकाया होने के कारण लाइट उपलब्ध नहीं हो रही है। कलेक्टर के कहने पर बस्ती के सभी 15 परिवारों ने बिजली बिल के बकाया का 10 प्रतिशत राशि जमा करने की सहमति दी। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 10 प्रतिशत राशि जमा होते ही बस्ती की विद्युत सप्लाई प्रारंभ की जाए।

चौपाल में कलेक्टर ने किसानों को भी कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वह शिविर में ही बनवा लें। किसानों को अब खाद की उपलब्धता ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही होगी। उन्होंने कहा कि जो भी किसान फार्मर आईडी से वंचित हैं वे शीघ्र अपनी आईडी बनवा लें ताकि खाद प्रापत करने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

ग्राम चौपाल में एक ग्रामीण जन के परिवार द्वारा कृषि कार्य करते समय विद्युत तार से करंट आने के कारण मृत्यु हो जाने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार कृषि कार्य करते समय किसी दुर्घटना में किसी भी किसान की मृत्यु होती है तो उसे 4 लाख रुपए की सहायता दी जाती है। उक्त परिवार का तत्काल प्रकरण तैयार कर सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौपाल में ग्रामीणजनों ने गाँव की विभिन्न समस्याओं से भी कलेक्टर रुचिका चौहान को अवगत कराया।

उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को तसल्ली से सुना और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का निराकरण शिविर में हो सकता है उनका निराकरण किया जाए। शेष समस्याओं के संबंध में विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय अनुसार किसानों को खेती-किसानी के लिये विद्युत सप्लाई उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

ग्राम स्तरीय चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग के काउण्टर पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं के संबंध में आवेदन प्राप्त किए और अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणजनों को दी। रात्रिकालीन चौपाल में देर रात तक कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को जाना तथा उनके निराकरण के निर्देश भी दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर