ग्वालियरः जिले में भी जनगणना का काम जारी, देश में पहली बार होने जा रही है डिजिटल

 


ग्वालियर, 24 फरवरी (हि.स.)। विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल भारत की जनगणना की तैयारियां ग्वालियर जिले में भी जारी हैं। देश में पहली बार डिजिटल रूप से जनगणना होने जा रही है। साथ ही देश में पहली बार स्व-गणना का अवसर भी लोगों को दिया गया है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति एसई वेब पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में जनगणना संबंधी 34 बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे।

जनगणना की तैयारियों के सिलसिले में मंगलवार को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बाल भवन में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। साथ ही जनगणना कार्य में संलग्न किए गए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के समस्त चार्ज व सहचार्ज अधिकारियों (तहसीलदार व नायब तहसीलदार इत्यादि) को प्रशिक्षित किया गया।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने इस अवसर पर जिलेवासियों से भी अपील की कि जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णत: गोपनीय रहेगी। साथ ही ऐसा स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं। कलेक्टर ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि गर्व की बात है कि हम सबको दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्य जनगणना करने का सुअवसर मिला है। जनगणना का कार्य पूरी तरह संवैधानिक है। भारतीय संविधान में 32 बार जनगणना का उल्लेख आया है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद-246, जनगणना अधिनियम 1948 व जनगणना नियम 1990 के तहत जनगणना का कार्य किया जा रहा है।

राज्य के मुख्य सचिव प्रदेश में जनगणना कार्य के नोडल अधिकारी का दायित्व निभा रहे हैं। इसलिये पूरी गंभीरता व मुस्तैदी के साथ इस कार्य को अंजाम दें। बाल भवन में आयोजित बैठक एवं प्रशिक्षण में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत व प्रादेशिक जनगणना कार्यालय भोपाल से आईं संभाग की प्रभारी प्रेमा नायर व जिले के प्रभारी राकेश मीणा एवं जिले के एसडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। ज्ञात हो भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है। भारत में प्रथम जनगणना वर्ष 1872 में देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग हुई थी। वर्ष 1881 में पहली बार सम्पूर्ण देश में एक साथ जनगणना कराई गई। इसके बाद हर 10 वर्ष के अंतराल से वर्ष 2011 तक जनगणना होती रही। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2021 में नियमित कार्यक्रम के अनुसार नहीं हो सकी।

अब भारत की जनगणना – 2027 होने जा रही है। वर्ष 1872 से अब तक की यह 16वी तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होने जा रही है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना और द्वितीय चरण में होगी जनसंख्या की गणना कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य मध्यप्रदेश में 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा। इस चरण का उद्देश्य द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिये मास्टर फ्रेम तैयार करना है। जनगणना के द्वितीय चरण का काम फरवरी 2027 में होगा। देश के बर्फीले क्षेत्रों में सितम्बर 2026 में द्वितीय चरण की गणना होगी।

जिले में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी करेंगे जनगणना

ग्वालियर जिले में कलेक्टर रुचिका चौहान के नेतृत्व में लगभग 6 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्य को अंजाम देंगे। इनमें लगभग 5 हजार प्रगणक व 829 पर्यवेक्षक, 41 चार्ज अधिकारी, 42 फील्ड ट्रेनर्स, 4 मास्टर ट्रेनर्स व 9 जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व निभायेंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत के सीईओ यह जिम्मेदारी निभायेंगे। प्रथम चरण में प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकानों की गणना का कार्य करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा स्वत: ही मोबाइल एप पर 34 बिंदुओं में भरी गई जानकारी की जांच कर सत्यापन भी करेंगे। ज्ञात हो जनगणना – 2027 के लिये ग्वालियर जिले में जिन्हें प्रशासनिक इकाई माना गया है, उनमें 10 तहसील, 10 नगर व 589 गाँव शामिल हैं।

प्रगणक करेंगे डाटा संग्रहण और डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी

प्रदेश स्तरीय जनगणना कार्यालय भोपाल से आईं प्रेमा नायर ने प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी कि प्रगणक घर-घर जाकर “Census 2027-HLO” मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुन: सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। उन्होंने ग्राम व नगर रजिस्टर का प्रारूप व विषय वस्तु, ग्रामीण व नगरीय चार्ज रजिस्टर, प्रगणक, पर्यवेक्षकों व चार्ज अधिकारियों के कार्य, पर्यवेक्षण व कानूनी शक्तियां इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर