ग्वालियर में सीए से 21 करोड़ की साइबर ठगी मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य गिरफ्तार

 


- खाते में पहुंचे 50 लाख रुपये, कोतवाली से ग्वालियर ले गई टीम

ग्वालियर, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) अशोक विजयवर्गीय से हुई 21 करोड़ 6 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में स्टेट साइबर पुलिस ग्वालियर की टीम ने शाजापुर पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य जगदीश फौजी को गिरफ्तार कल लिया है। पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई के लिए ग्वालियर ले गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जगदीश फौजी से जुड़े करंट अकाउंट में करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। इसी आधार पर साइबर पुलिस ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें अपने साथ ग्वालियर ले गई, जहां मामले में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर की साइबर पुलिस ने एसपी प्रियंका शुक्ला को मालवीय की गिरफ्तारी की जानकारी दी। एसपी ने स्थानीय पुलिस को सहयोग करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने मालवीय को शाजापुर कोतवाली लाकर पूछताछ की और फिर उसे ग्वालियर ले गई। मालवीय के खाते में ठगे गए 21.06 करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपये उसके बैंक खाते में गए थे। साइबर पुलिस ने बुधवार को उसे ग्वालियर में कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

शाजापुर एसपी के प्रियंका शुक्ला ने बुधवार को बताया कि ग्वालियर से आई साइबर टीम 21 करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में शाजापुर पहुंची थी।टीम ने जगदीश फौजी से पूछताछ की है। उन्होंने बताया कि जांच में संबंधित खाते में लगभग 50 लाख रुपए आने की जानकारी सामने आई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मालवीय ने म्यूल खातों से जुड़े इंटरस्टेट गैंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिस पर टीम काम कर रही है। इस जानकारी के आधार पर एक टीम कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए रवाना हुई है।

यह मामला मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी के रूप में सामने आया है। साइबर सेल की टीम निरीक्षक मुकेश कुमार नारोलिया के नेतृत्व में शाजापुर पहुंची थी। उनके साथ उप निरीक्षक शैलेंद्र राठौर और अन्य सदस्य भी शामिल थे। मामले की शुरुआत एक दिसंबर को हुई, जब ग्वालियर के 70 वर्षीय चार्टर्ड एकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को दिव्या सिंह नाम की महिला का फोन आया। महिला ने दोस्ती कर क्रिप्टो में निवेश का झांसा दिया। इसके बाद विजयवर्गीय ने अलग-अलग बैंक खातों में 21 करोड़ रुपये जमा किए। जब पैसे निकालने का प्रयास किया गया, तो और रुपये मांगे गए, जिससे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।

राज्य साइबर सेल टीआई मुकेश नारोलिया ने बताया कि शाजापुर से एक आरोपित की गिरफ्तारी हुई है, जिसके खाते में 50 लाख रुपये गए थे। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें साइबर अपराध से जुड़े गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर