ग्वालियरः स्वामित्व योजना के शेष कार्य तेजी से पूर्ण कराने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचे प्रशासनिक अधिकारी
- कलेक्टर के निर्देश पर मैदानी समीक्षा तेज, शेष कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर
ग्वालियर, 30 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्वामित्व योजना के शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचे।
अपर कलेक्टर कुमार सत्यम व अपर जिला दण्डाधिकारी सी प्रसाद सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न गांवों का भ्रमण कर योजना की प्रगति का जायजा लिया। साथ ही मौके पर आवश्यक कार्यवाही कर कार्यों को गति दी।
अपर जिला दण्डाधिकारी प्रसाद ने चीनोर, रिछारी कला, हथनोरा, करई एवं दादोर सहित विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए गए नक्शों का निरीक्षण व संबंधित अभिलेखों की जांच कर योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। साथ ही पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां भी कराईं।
इसी प्रकार एडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव व एसडीएम घाटीगाँववंदना जैन सहित अन्य एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वामित्व योजना के कार्य को गति दी।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वामित्व योजना के सभी शेष कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा है कि नक्शों का सत्यापन, अभिलेखों का परीक्षण और पोर्टल प्रविष्टियों का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। पात्र हितग्राहियों को समय पर स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वामित्व योजना ग्रामीण नागरिकों को उनकी आवासीय संपत्तियों का वैधानिक अधिकार प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। इसके बाद संपत्ति मालिकों को स्वामित्व अभिलेख उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आती है। ग्रामीणों को बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में सहूलियत मिलती है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी और व्यवस्थित भू अभिलेख व्यवस्था विकसित होती है।
जिला प्रशासन द्वारा योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को उसकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार समय पर मिल जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर