गुना के गुलाबों को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान, एक एकड़ से 30 लाख कमाई का लक्ष्य

 


- कलेक्टर ने ग्राम भादौर में पॉलीहाउस का किया भ्रमण, उन्नत तकनीक से 5 लाख से बढ़ाकर 8 लाख फूल उत्पादन का लक्ष्य

गुना, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को गुना कलेक्टर किशोर कन्याल ने ग्राम भादौर में प्रगतिशील कृषक धर्मवीर सिंह रघुवंशी के एक एकड़ क्षेत्र में स्थापित गुलाब के पॉलीहाउस का भ्रमण किया। पॉलीहाउस में एक माह पूर्व गुलाब के लगभग 30 हजार पौधे रोपित किये गए हैं, जिनसे चौथे माह से व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ होने की उम्मीद है।

कलेक्टर कन्याल ने कहा कि गुना जिले में पॉलीहाउस के माध्यम से गुलाब की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। जिले के उच्च शिक्षित युवा भी आधुनिक तकनीक आधारित इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वर्तमान में किसान एक एकड़ पॉलीहाउस से लगभग 15 लाख रुपये तक का शुद्ध वार्षिक मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि उन्नत तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रबंधन और आधुनिक विपणन व्यवस्था के माध्यम से इस आय को बढ़ाकर 25 से 30 लाख रुपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक एकड़ पॉलीहाउस से लगभग 5 लाख गुलाब के फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसे उन्नत तकनीकों के उपयोग से बढ़ाकर 7 से 8 लाख फूल प्रति एकड़ प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही फूलों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गुना के गुलाबों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल सके।

पॉलीहाउस संचालक धर्मवीर सिंह रघुवंशी के सुपुत्र आदित्य रघुवंशी दिल्ली के फूल बाजार का अध्ययन कर अपने गुलाबों को दिल्ली में विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही भविष्य में गुलाबों के निर्यात की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में गुलाब की खेती, आधुनिक तकनीक पर जोर

उल्लेखनीय है कि गुना जिले में वर्तमान में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से गुलाब की खेती की जा रही है। किसान अब सेंसर आधारित ऑटोमेशन, फर्टिगेशन सिस्टम, फार्म गेट पैक हाउस और कोल्ड रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा पात्रतानुसार इन गतिविधियों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

क्लस्टर आधारित खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

इस अवसर पर उद्यान उप संचालक के.पी.एस. किरार ने कहा कि विभाग का विशेष जोर किसानों को संगठित कर क्लस्टर आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर है। जब किसान एक ही क्षेत्र में समूह के रूप में समान फसल का उत्पादन करेंगे, तो पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज एवं विपणन जैसी पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन गतिविधियों को सामूहिक रूप से विकसित करना आसान होगा। इससे किसानों की लागत कम होगी और उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस में गुलाब की खेती के साथ-साथ गुना एवं बमोरी विकासखंड में खुले खेतों में भी पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा एवं ग्लेडियोलस जैसे फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि जिले में पुष्प उत्पादन का एक व्यापक नेटवर्क विकसित हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर