गुनाः संभागीय आयुक्त ने शासन की प्राथमिक योजनाओं की प्रगति की ली समीक्षा
- सीएम हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, पेयजल और विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
गुना, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने शुक्रवार को गुना में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस एवं शासन की प्राथमिकता वाले बिंदुओं की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा में प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए तथा सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। बैठक में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में संभागीय आयुक्त खत्री ने कृषि, स्वास्थ्य एवं पोषण, रोजगार, उद्योग एवं निवेश, नगरीय विकास, सुशासन, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य तथा कानून व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों की विभागवार प्रस्तुति के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग शासन की प्राथमिक योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाममूलक कार्य सुनिश्चित करे तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
संभागीय आयुक्त ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए। विशेष रूप से पेयजल संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि नल-जल योजनाओं की लगातार निगरानी की जाए ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संभागीय आयुक्त ने एंटी वेनम एवं एंटी रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम डेंगू के प्रसार के लिए अनुकूल है, इसलिए नगर पालिका एवं मलेरिया विभाग संयुक्त रूप से प्रभावी अभियान चलाएं। शासकीय एवं निजी अस्पतालों, संस्थानों, कूलरों, गमलों तथा अन्य स्थानों पर पानी का जमाव नहीं होने दिया जाए और नियमित निरीक्षण किया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल को पायलट प्रोजेक्ट के तहत पेपरलेस बनाया जा रहा है। इसके लिए चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मचारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उपचार एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रमिक संयोजन तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिस अवधि में ग्रामीण मजदूर रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं, उस समय उन्हें स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि पलायन की स्थिति न बने।
नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन 2.0, स्वच्छ भारत मिशन तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सहित अन्य योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा में ई-विकास, उर्वरक एवं बीज उपलब्धता, प्राकृतिक खेती तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। वहीं उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना तथा पशुपालन विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, क्षीर धारा योजना, गौशालाओं की स्थिति एवं पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में संभागीय आयुक्त खत्री ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की अलग से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को शासन की योजनाओं और सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर