गुनाः कलेक्टर-एसपी ने किया गेल प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली का निरीक्षण

 




- निर्माणाधीन राघौगढ़ एसडीएम-तहसील कार्यालय में वॉटर हार्वेस्टिंग, जल निकासी एवं हरित परिसर विकसित करने के दिए निर्देश

गुना, 15 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के गुना जिले में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बुधवार को गेल (GAIL) प्लांट का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, मॉनिटरिंग सिस्टम एवं कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कंट्रोल रूम का भ्रमण कर प्लांट की संचालन प्रणाली, सुरक्षा मानकों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण, सुरक्षा प्रणाली की ली जानकारी

भ्रमण के दौरान कलेक्टर कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने सबसे पहले गेल प्लांट के कंट्रोल रूम का अवलोकन किया। यहां उन्होंने प्लांट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था एवं संचालन प्रणाली को विस्तार से समझा। अधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से प्लांट के लेआउट, कार्य प्रणाली, टेस्टिंग प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रणाली एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

निर्माणाधीन एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का किया निरीक्षण

गेल प्लांट के निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर कन्याल ने साढ़ा कॉलोनी के समीप हाईवे पर निर्माणाधीन राघौगढ़ एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से विकसित किया जाए, ताकि वर्षा जल का संरक्षण हो सके। साथ ही भवन परिसर में प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने, रिटेनिंग वॉल से पर्याप्त दूरी बनाए रखने तथा सुव्यवस्थित पार्क एवं हरित परिसर विकसित करने के साथ समय पर कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित किया।

कटहल का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इसके उपरांत कलेक्टर कन्याल ने परिसर में कटहल का पौधा रोपकर वृक्षारोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर विकसित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के साथ-साथ हरित वातावरण का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जिससे परिसर पर्यावरण के अनुकूल एवं आकर्षक बन सके।

बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री के पुनर्जीवन की कवायद तेज

जिले की बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री को पुनः संचालित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को फैक्ट्री का विस्तृत निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैक्ट्री के पुनः संचालन की सभी संभावनाओं का परीक्षण करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

कार्यालयीन व्यवस्था से लेकर उत्पादन इकाई तक किया बारीकी से निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले फैक्ट्री के कार्यालय का अवलोकन कर अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व में फैक्ट्री में कार्यरत रहे कर्मचारियों से चर्चा कर संचालन व्यवस्था, उत्पादन क्षमता तथा वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री परिसर का भ्रमण कर उत्पादन प्रक्रिया, विभिन्न मशीनों तथा पावर हाउस का निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली।

पुनः संचालन के दो विकल्पों पर होगा अध्ययन

कलेक्टर कन्याल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि फैक्ट्री को पुनः शुरू करने के लिए दो विकल्पों पर गंभीरता से कार्य किया जा सकता है। पहला, वर्तमान मशीनों एवं उपलब्ध संसाधनों का पुनरुद्धार कर फैक्ट्री का संचालन पुनः प्रारंभ किया जाए। दूसरा, आधुनिक तकनीक के अनुरूप नए सिरे से संयंत्र स्थापित कर संचालन किया जाए। उन्होंने दोनों विकल्पों की तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर