मप्र के झाबुआ में वाटर फिल्टर प्लांट से गैस का रिसाव, 49 लोग बीमार

 






- एक किमी के दायरे में लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में हुई दिक्कत

झाबुआ, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला इलाके में पद्मावती नदी किनारे बने वाटर फिल्टर प्लांट में शुक्रवार शाम को क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। इससे सात कर्मचारियों समेत करीब 49 लोग बीमार हो गए हैं, जिनमें से कई लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

जानकारी के अनुसार, थांदला में पुरानी मंडी क्षेत्र में स्थित वाटर फिल्टर प्लांट से जहरीली गैस का रिसाव होने लगा। घटना के बाद करीब एक किलोमीटर के इलाके में गैस फैल गई, जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जैसे ही गैस लीक होने की खबर फैली, घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। एसडीएम भास्कर गाचले और थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। हालात पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर डटे रहे।

घटना के बाद मेघनगर स्थित इंडस्ट्री से तकनीकी सहयोग लिया गया। वहीं, इंदौर से विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंची, जिसने प्लांट में मौजूद अन्य टैंकों की जांच की। गैस रिसाव को रोक दिया गया है। फिलहाल किसी और रिसाव की संभावना को टालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सुरक्षा के लिहाज से स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे इलाके में घर-घर सर्वे कर रही है, जिन लोगों में हल्के लक्षण भी पाए जा रहे हैं, उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा जा रहा है, ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके।

नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया ने बताया कि प्लांट में शाम करीब पांच बजे गैस का रिसाव शुरू हुआ था। स्थिति को शाम 7 बजे तक काबू में कर लिया गया। रात लगभग 9 बजे तक हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए थे। इस घटना से वहां के निवासियों के साथ-साथ प्लांट में काम करने वाले 5 से 7 कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं।

बीएमओ डॉ. डावर के अनुसार 2-3 मरीजों को ज्यादा परेशानी थी, लेकिन इलाज के बाद अब सभी की स्थिति सामान्य है। वर्तमान में सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। कुछ मरीजों को एहतियातन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश ने बताया कि फिलहाल रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया है और स्थिति सामान्य है। फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारियों ने मौके पर डटे रहकर गैस रिसाव को नियंत्रित किया। प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव की वजह तकनीकी खराबी मानी जा रही है, हालांकि लापरवाही की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर