मप्र: बैतूल जिले के आमला से पूर्व विधायक चेतराम मानेकर का निधन, एम्स में ली अंतिम सांस

 


बैतूल, 01 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की आमला-सारनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता चेतराम मानेकर का रविवार को भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। उन्होंने सुबह 7:30 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले करीब दो माह से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे और एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से बैतूल जिले के राजनीतिक, सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में शोक व्याप्त है।

चेतराम मानेकर आमला विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2008 और 2013 में लगातार दो बार भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। दोनों चुनावों में उन्होंने बड़े मतों के अंतर से जीत दर्ज की। विशेष रूप से 2013 के विधानसभा चुनाव में उनकी जीत का अंतर 39,602 मत रहा था। यह आमला विधानसभा क्षेत्र के चुनावी इतिहास की उल्लेखनीय जीतों में शामिल रही।

दो चुनावों में लगातार जीत से बनाई पहचान

वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद आमला विधानसभा क्षेत्र का स्वरूप बदला और सारनी क्षेत्र भी इसमें शामिल हुआ। इसी चुनाव में भाजपा ने चेतराम मानेकर को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने 30,546 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद वर्ष 2013 के चुनाव में उन्होंने अपनी जीत का अंतर बढ़ाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को 39,602 मतों से पराजित किया। इस जीत के साथ क्षेत्र की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान बनी। वर्ष 2008 से 2018 तक उनका विधायक के रूप में कार्यकाल रहा। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह डॉ. योगेश पंडाग्रे को प्रत्याशी बनाया था। विधायक पद पर नहीं रहने के बावजूद क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता और पहचान बनी रही।

ग्राम पंचायत से विधानसभा तक का सफर

मानेकर का राजनीतिक जीवन पंचायत स्तर से शुरू हुआ था। वे वर्ष 1970 से 1975 तक ग्राम पंचायत उमरिया के पंच और 1975 से 1980 तक उपसरपंच रहे। इसके बाद वर्ष 1994 से 1999 तक जिला पंचायत बैतूल के सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। स्थानीय निकायों में काम करने के बाद उन्होंने विधानसभा तक का सफर तय किया।

विधायक रहते हुए उन्होंने शासकीय डॉ. अंबेडकर महाविद्यालय, आमला की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी दो बार जिम्मेदारी संभाली। शिक्षा सहित क्षेत्रीय विकास से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी रही। भाजपा में उनकी पहचान जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले वरिष्ठ नेता के रूप में थी।

सोमवार सुबह 10 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा

परिजनों के अनुसार, सोमवार, 2 नवंबर को सुबह 10 बजे बैतूल की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित उनके निवास एलआईजी-33, गंज से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार गंज मोक्षधाम में किया जाएगा। उनके परिवार में पुत्र कैलास मानेकर, हरीश मानेकर और हर्षदीप मानेकर तथा पुत्रियां पुष्पलता गुलबाके, कीर्ति नागले, प्रीति आठनकर और यशस्वी नागले हैं। उनके निधन पर भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे