मप्र: अब प्रत्येक गुम इंसान प्रकरण में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी एफआईआर
- उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय ने जारी किए निर्देश
भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र खोज एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी पुलिस इकाइयों को प्रत्येक गुम इंसान (महिला एवं पुरुष) के प्रकरण में अनिवार्य रूप से एफआईआर पंजीबद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत निर्देश प्रेषित किए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय से शनिवार को जानकारी मिली कि वर्ष 2012 में उच्चतम न्यायालय द्वारा बचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकार प्रकरण में दिए गए निर्देशों के अनुसार गुम नाबालिग बच्चों के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब हाल ही में उच्चतम न्यायालय द्वारा जी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य में दिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक गुम इंसान, चाहे वह महिला हो या पुरुष, के मामले में भी अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्चतम न्यायालय के उक्त निर्देशों के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गुमशुदगी की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल एफआईआर पंजीबद्ध कर विधि सम्मत जांच प्रारंभ की जाए तथा गुम व्यक्ति की शीघ्र तलाश हेतु सभी आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
मध्य प्रदेश पुलिस इस व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत