मप्रः महाविद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को मिली नई रफ्तार
- 212 कॉलेजों में हाई-स्पीड इंटरनेट, 200 में स्मार्ट क्लास, 123 में कंप्यूटर लैब और 10 में डिजिटल स्टूडियो स्थापित
भोपाल, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में अधोसंरचना विकास एवं डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। महाविद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार से डिजिटल शिक्षा को नई रफ्तार मिली है।
जनसम्पर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप महाविद्यालयों में डिजिटल संसाधनों का विस्तार, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण व्यवस्था तथा ऑनलाइन प्रशासनिक प्रणालियों के विकास से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली में व्यापक परिवर्तन आया है। विश्व बैंक वित्तपोषित मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन परियोजना (MPHEQIP) सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से डिजिटल स्टूडियो, हाई-स्पीड इंटरनेट, वर्चुअल स्मार्ट क्लास, आधुनिक कंप्यूटर लैब, ई-बुक्स तथा अन्य डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो रहा है।
डिजिटल स्टूडियो से बढ़ा गुणवत्तापूर्ण ई-कंटेंट का दायरा
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। इन स्टूडियो के माध्यम से विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों का ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। रिकॉर्डिंग, संपादन और डिजिटल प्रसारण की आधुनिक सुविधाओं से तैयार अध्ययन सामग्री का उपयोग ऑनलाइन शिक्षण तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इससे प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और डिजिटल सामग्री का लाभ मिलेगा।
हाई-स्पीड इंटरनेट से मजबूत हुई डिजिटल शिक्षण व्यवस्था
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, डिजिटल शिक्षण को गति देने के लिए प्रदेश के 212 शासकीय महाविद्यालयों में 50 एमबीपीएस इंटरनेट लीज़ लाइन स्थापित की गई है। विभाग द्वारा सुरक्षित नेटवर्क व्यवस्था के लिए आवश्यक नेटवर्क उपकरण एवं सुरक्षा प्रबंधन भी उपलब्ध कराया गया है। इससे ऑनलाइन कक्षाओं, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-कंटेंट, शोध गतिविधियों तथा विभागीय ऑनलाइन सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी और निर्बाध हुआ है।
वर्चुअल स्मार्ट क्लास से विशेषज्ञ शिक्षकों तक आसान पहुंच
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 200 शासकीय महाविद्यालयों में वर्चुअल स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। इन कक्षाओं में इंटरैक्टिव पैनल, कैमरा, लैपटॉप, ऑडियो-वीडियो उपकरण, यूपीएस तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के व्याख्यान से सीधे जुड़ रहे हैं। जिन महाविद्यालयों में किसी विषय के विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, वहां भी ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों, वेबिनार, कार्यशालाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के मार्गदर्शन में भी इनका उपयोग किया जा रहा है।
आधुनिक कंप्यूटर लैब से डिजिटल कौशल को मिल रही नई गति
विद्यार्थियों में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित दक्षता विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश के 123 महाविद्यालयों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं। इन लैबों में कंप्यूटर तथा अन्य आवश्यक आईटी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन अध्ययन, प्रायोगिक प्रशिक्षण और विभिन्न कौशल आधारित गतिविधियों का बेहतर अवसर मिल रहा है। 100 अन्य महाविद्यालयों में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जा रही हैं।
ई-बुक्स और डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन सामग्री हुई सुलभ
उच्च शिक्षा विभाग ने डिजिटल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 8 विश्वविद्यालयों तथा 529 महाविद्यालयों को ई-बुक्स की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को विभिन्न विषयों की अध्ययन सामग्री ऑनलाइन प्राप्त हो रही है तथा स्वाध्याय और शोध कार्य को भी प्रोत्साहन मिला है।
ऑनलाइन प्रणालियों से प्रशासन हुआ अधिक पारदर्शी और प्रभावी
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए अनेक ऑनलाइन प्रणालियां विकसित की हैं। इनमें अतिथि विद्वान प्रबंधन प्रणाली, छात्र प्रबंधन प्रणाली, ऑनलाइन छात्र पंजीयन, महाविद्यालयों के लिए विभिन्न अनुमतियों की ऑनलाइन व्यवस्था तथा प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन डिजिटल प्रणालियों से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है तथा विद्यार्थियों और महाविद्यालयों को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं।
भवन उन्नयन और आधुनिक सुविधाओं से सशक्त हुए 247 महाविद्यालय
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 247 शासकीय महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास के तहत भवनों का निर्माण एवं उन्नयन, आधुनिक फर्नीचर की उपलब्धता, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया है। इन कार्यों से महाविद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार आया है और विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक एवं आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो रहा है।
इस प्रकार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा डिजिटल तकनीक, आधुनिक अधोसंरचना और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया वातावरण विकसित हुआ है। इन पहलों से विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से युक्त शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध हो रही है तथा उच्च शिक्षा संस्थान भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर