धारः कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास डही की वार्डन निलंबित, अतिथि शिक्षक की सेवा समाप्त
धार, 14 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिले के डही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में हुई घटना सामने आने पर कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देश पर छात्रावास अधीक्षक अनीता भिड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि उनके पति अतिथि शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
दरअसल, डही में कस्तूरबा बालिका छात्रावास की 60-70 छात्राएं रविवार रात थाने पहुंचीं थीं। उन्होंने वार्डन अनीता भिड़े और उनके पति सरदार भिड़े पर दुर्व्यवहार और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि वार्डन के पति उन्हें घर ले जाकर झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने और कपड़े धोने का काम करवाते थे।
सोमवार को घटना के संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासकीय बालिका छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस संबंध में कलेक्टर राजीव रंजन मीना द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, डही में बालिकाओं के साथ प्रताड़ना और प्रबंधनगत गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आने पर कार्यवाही की गई है। कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के मंशानुसार बालिकाओं की सुरक्षा, गरिमा और कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए इस प्रकरण में त्वरित, पारदर्शी और कठोर प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाई गई है।
मॉडल स्कूल धार की उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास डही की वार्डन अनीता भिड़े को प्राप्त गंभीर शिकायतों के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से वार्डन चार्ज से हटाते हुए शासकीय आवास रिक्त कराया गया है। इसी के साथ ही प्रकरण में संलिप्तता एवं अनुशासनहीनता पाए जाने पर वार्डन के पति तथा अतिथि शिक्षक सरदार सिंह पिपलाज की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
छात्रावास में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की 100 छात्राएं रहती हैं। छात्रावास संचालन एवं बालिकाओं की देखरेख प्रभावित न हो, इसके लिए आगामी नियमित व्यवस्था होने तक प्राथमिक शिक्षक लीला ओहरिया को प्रभारी अधीक्षिका की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अमले ने डही स्थित छात्रावास का त्वरित निरीक्षण किया। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्यवाही की हैं। अधिकारियों ने सीधे बालिकाओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, भोजन, सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
छात्राओं ने शिकायत में बताया कि वार्डन के पति छात्रावास परिसर में ही रहते हैं। उनका आरोप है कि वे छात्राओं के कमरों में आ जाते थे और कई बार बाथरूम के दरवाजे भी खटखटाते थे। छात्राओं का आरोप है कि वार्डन के पति उन्हें अपने घर ले जाते थे। वहां उनसे झाड़ू-पोछा, बर्तन साफ करने और कपड़े धोने का काम कराया जाता था। छात्राओं के मुताबिक, यह सिलसिला करीब एक साल से चल रहा था। छात्राओं ने वार्डन अनीता भिड़े पर भी बात-बात पर डांटने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के बाद हॉस्टल लौटने पर भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था।
छात्राओं ने हॉस्टल के भोजन को लेकर भी शिकायत की। उनका कहना है कि मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं मिलता था और नाश्ता भी नहीं दिया जाता था। गुरुवार को सिर्फ केले दिए जाने की बात भी छात्राओं ने कही।
डही के कस्तूरबा बालिका छात्रावास में छात्राओं की गंभीर शिकायतों के बाद सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह सस्तिया ने हॉस्टल पहुंचकर छात्राओं से चर्चा की और एक माह के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उन्होंने बताया कि फुटेज में वार्डन के पति सरदार पिपलाज के हॉस्टल में आने की पुष्टि हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर